दूसरे दिन अमृतसर पहुंची फ्लाइट में भी 172 पॉजिटिव:हाई लेवल मीटिंग के बाद प्राइवेट लैब की जांच के निर्देश, दोबारा लिए 75 मरीजों के सैंपल

अमृतसर6 महीने पहले
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श्री गुरु रामदास जी इंटरनेशनल एयरपोर्ट अमृतसर पर शुक्रवार को फिर इटली से आई चार्टर्ड फ्लाइट लैंड हुईं। फ्लाइट्स में आए 285 यात्रियों सैंपल लेकर जांच की गई। इनमें 172 पैसेंजर्स की टेस्ट रिपोर्ट पॉजिटिव आई। एयरपोर्ट से भागने वाले पैसेंजर्स की शुक्रवार को सामने आई निजी लैब की रिपोर्ट के बाद एयरपोर्ट पर जांच कर रही लैब पर सवाल उठे हैं। फिलहाल सिविल सर्जन ने एयरपोर्ट पर चल रही प्राइवेट लैब की जांच के आदेश दिए हैं।

अमृतसर एयरपोर्ट पर 172 मरीजों के पॉजिटिव होने के बाद जिला प्रशासन, एयरपोर्ट अथॉरिटी और सेहत विभाग की हाई लेवल मीटिंग हुई। एयरपोर्ट पर हुई इस मीटिंग में तीनों विभागों के उच्चाधिकारियों को जांच कर रही लैब की कार्य प्रणाली पर ही शक हुआ। इसके बाद सेहत विभाग ने एयरपोर्ट के अंदर जांच कर रही कृष्णा प्राइवेट लैब के ही जांच के आदेश दे दिए। सेहत विभाग शक दूर करना चाहता है कि कहीं अमृतसर में जांच कर रही प्राइवेट लैब में ही कोई गड़बड़ी तो नहीं।

75 मरीजों के दोबारा लिए सैंपल

एयरपोर्ट डॉयरेक्टर वीके सेठ के अनुसार 75 मरीजों की जांच दोबारा की जा रही है। इनकी रिपोर्ट देर रात मिलने का अनुमान है। इससे पहले गुरुवार को भी इटली से आई फ्लाइट के 179 पैसेंजर्स में से 125 कोरोना पॉजिटिव मिले थे। पैसेंजर्स ने इसके बाद एयरपोर्ट पर खूब हंगामा किया था और इंस्टीट्यूशनल आइसोलेट होने से स्पष्ट मना कर दिया था।

अमृतसर एयरपोर्ट पर पहुंचे पैसेंजर्स का सैंपल लेते स्वास्थ्यकर्मी।
अमृतसर एयरपोर्ट पर पहुंचे पैसेंजर्स का सैंपल लेते स्वास्थ्यकर्मी।

अमृतसर से भागे दो पैसेंजर्स की रिपोर्ट निगेटिव

वहीं सूचना है कि अमृतसर एयरपोर्ट और गुरु नानक देव अस्पताल से भागे 12 पैसेंजर्स में से दो ने अपने टेस्ट प्राइवेट लैब से करवाए हैं। उनकी रिपोर्ट निगेटिव आई। इसके बाद अमृतसर एयरपोर्ट के अंदर जांच कर रही लैब पर सवाल खड़े होना लाजमी है। इस बारे में अभी तक कोई भी अधिकारी बोलने को तैयार नहीं है।

कल मामला दर्ज करने का था दबाव, अब किए होम आइसोलेट

जिला प्रशासन अमृतसर एयरपोर्ट और गुरु नानक देव अस्पताल से भागे 12 मरीजों पर मामला दर्ज करने की बात कर रहा था। अब स्थिति बदलती दिख रही है। जिला प्रशासन अब सभी मरीजों को होम आइसोलेट करने पर राजी हो गया है। सिर्फ तीन मरीज, जिनके घर पर अलग से बाथरुम नहीं था, को ही गुरु नानक देव अस्पताल में अलग कमरों में दाखिल किया गया।

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