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सिटी अनलॉक:शूज कारोबार 50% चला, संडे लाॅकडाउन नाइट कर्फ्यू हटे तो ट्रैक पर आएगी सेल

अमृतसरएक महीने पहले
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  • सभी तरह के शूज पर 5% जीएसटी लगे

अनलॉक प्रक्रिया के तहत शहर के बाजारों में धीरे-धीरे रौनक लौटने लगी है। 15 जून को सूबा सरकार ने शहर की इंडस्ट्रीज को खोलने के आदेश जारी किए थे। पाबंदियां हटाए जाने के चार दिन बाद शूज कारोबार 50% तक ट्रैक पर लौट आया है। व्यापार को पुरानी वाली स्थिति में लाने के लिए शूज कारोबारी संडे लाॅकडाउन और नाइट कर्फ्यू के हटने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। कारोबारियों का कहना हैं कि यदि सूबा सरकार बाजारों को और ढील दे तो उनका कारोबार पुराने ढर्रे पर फिर से लौट सकता है और कम हो चुकी सेल के बढ़ने की पूरी उम्मीद है। पाबंदियां हटने से शहर में टूरिस्ट आएंगे, जिससे हर कारोबारी को फायदा मिलेगा। शहर में करीब 950 शूज की दुकानें हैं। इसमें कटड़ा जैमल सिंह, कटड़ा सफैद, पुतलीघर, लारेंस रोड, छेहर्टा, चौक रतन सिंह, चमरंग रोड, मजीठा रोड, विजय नगर, यूनिवर्सिटी के सामने, माल रोड इलाकों में शूज की दुकानें हैं।

मार्केट का टाइम रात 9 बजे तक बढ़े: राजेश सचदेवा
लाॅकडाउन से शूज कारोबार बुरी तरह प्रभावित रहा। बाहर से माल भी नहीं आया। अब सरकार ने कुछ राहत दीं हैं तो कारोबार 50% चला है। मार्केट बंद होने का समय रात 9 बजे तक होना चाहिए। संडे लाॅकडाउन खत्म किया जाना चाहिए।
- राजेश सचदेवा प्रधान, शू मर्चेंट एसोिसएशन

एक समान किया जाए जीएसटी रेट : राजेश पांधी
बाजार बंद होने टाइम बढ़ना चाहिए। बिजली दरें 5 रुपए प्रति यूनिट फिक्स करने के साथ ही टैक्स और बैंक ब्याज में राहत मिले। 1 हजार तक के शूज पर 5% और इससे ज्यादा कीमत के शूज पर 18% जीएसटी है, इसे 5% किया जाना जरूरी है, तभी कारोबार की चमक लौट पाएगी।
-राजेश पांधी, शूज कारोबारी

कोरोना के खौफ से नहीं आ रहे ग्रामीण ग्राहक: अरोड़ा
ग्रामीण इलाकों में कोरोना को लेकर खौफ है इसलिए लोग शहर में आने से बच रहे हैं। वहीं नाइट कर्फ्यू के कारण बाहर से टूरिस्ट नहीं आ पा रहे हैं। कोरोना का डर घटने से ही कारोबार को पूरा फायदा मिल पाएगा।
-रूपिंदर अरोड़ा, शूज मर्चेंट

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