कोरोना वॉरियर्स की नौकरी का कल आखिरी दिन:अमृतसर में कर्मचारियों ने घेरा कैबिनेट मंत्री वेरका का घर, बोले- कोविड इमरजेंसी में डॉक्टरों का दिया पूरा साथ; नौकरी से न निकालें

अमृतसर2 महीने पहले
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डाॅ. राजकुमार वेरका के घर के बाहर पहुंचे कोरोना काल में रखे गए कर्मचारी। - Dainik Bhaskar
डाॅ. राजकुमार वेरका के घर के बाहर पहुंचे कोरोना काल में रखे गए कर्मचारी।

कोरोना काल में डॉक्टरों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलने वाले दर्जा चार कर्मचारियों का कल नौकरी का आखिरी दिन है। आउट सोर्सिंग माध्यम से रखे गए यह कोरोना वॉरियर्स को 30 सितंबर का अल्टीमेटम देकर जाने के लिए कह दिया गया है। वहीं दूसरी तरफ राज कुमार वेरका अब मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च मंत्रालय को संभाल चुके हैं। जिसके बाद यह कर्मी बुधवार राज कुमार वेरका के घर के बाहर पहुंचे।

गुरप्रीत कौर ने जानकारी दी कि कोविड इमरजेंसी को मद्देनजर रखते हुए विभिन्न दर्जाचा र कर्मचारियों को ड्यूटी पर रखा गया था। यह सरकारी मेडिकल कॉलेज अमृतसर व पटियाला के अलावा फरीदकोट स्थित गुरु गोबिंद सिंह मेडिकल कॉलेज में भी रखे गए थे। इस इमरजेंसी में सभी कर्मचारियों ने डॉक्टर्स के साथ कंधे से कंधा मिलाकर ईमानदारी से अपनी ड्यूटी निभाई। लेकिन अब अचानक ही उन्हें 30 सितंबर को रिलीव करने के आदेश दे दिए गए हैं। अब अगर उन्हें निकाला जाता है तो वे सभी बेरोजगार हो जाएंगे।

मंत्रीपद संभालने के बाद वॉरियर्स की बात पर करें विचार
सभी कर्मचारियों का कहना है कि अब जब राज कुमार वेरका को मेडिकल एजुकेशन मिनिस्टर बना दिया गया है तो उन्हें कोरोना वॉरियर्स की बात को सुनना चाहिए और नौकरी से निकालने के फैसले पर विचार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि अमृतसर, पटियाला और फरीदकोट तीनों जगहों पर दर्जा चार कर्मचारियों की कमी है। अगर उन्हें नौकरी दी जाती है तो वे पूरी निष्ठा के साथ अपना फर्ज निभाएंगे।

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