ड्रग तस्कर अब हथियारों के खेल से जुड़े:पाकिस्तान से असलहे की खेप खेमकरण सेक्टर के तस्कर ने मंगवाई, धरपकड़ को SSOC दे रही दबिश

अमृतसरएक महीने पहले
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बॉर्डर से पकड़ी गई थी हथियारों की खेप। - Dainik Bhaskar
बॉर्डर से पकड़ी गई थी हथियारों की खेप।

तरनतारन बॉर्डर पर बरामद 22 पिस्टल, 44 मैग्जीन, 100 राउंड गोलियां मंगवाने वाला एक नशा तस्कर है। पाकिस्तान अपने मनसूबों को पूरा करने के लिए अब नशा तस्करों का इस्तेमाल कर रहा है। यही कारण है कि पिछले दिनों जो भी हथियारों की खेप पकड़ी गई, उसके साथ नशा भी सप्लाई किया गया। फिलहाल स्टेट स्पेशन ऑपरेशन सेल (SSOC) की टीम उस नशा तस्कर की तलाश में है, जिसने इस खेप पाकिस्तान से मंगवाई थी।

SSOC को सूचना मिली है कि खेप को खेमकरण सेक्टर के एक ड्रग तस्कर ने मंगवाया था। बॉर्डर पार हो चुकी खेप को यही तस्कर उठाने वाला था। SSOC टीम ने तस्कर को पकड़ने के लिए उसके ठिकानों पर रेड की तो वह फरार हो चुका था। इसके बाद SSOC का शक और भी पक्का हो गया। SSOC टीम तस्कर को पकड़ने के लिए लगातार कोशिश में जुटी है। आरोपी तस्कर के पकड़े जाने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि खेप को उसे आगे किसे सप्लाई करना था और इस खेप को भेजने के पीछे मकसद क्या था।

पाकिस्तान में बैठे आतंकी कर रहे हैं सपोर्ट
खेप भिजवाने के पीछे पाकिस्तान में बैठे आतंकी संगठनों के समर्थक लखबीर सिंह रोडे, गैंगस्टर हरविंदर सिंह रिंदा संधू और परमजीत सिंह पंजवड़ का नाम सामने आ रहा है। सूचना है कि इन्हीं आतंकियों ने पाकिस्तान के तस्करों के साथ मिलकर भारतीय सीमा में खेप को पहुंचाया है। इसका मकसद फेस्टिवल सीजन में पंजाब में अशांति फैलाना बताया जा रहा है।

टिफिन बम के पीछे भी रोडे का था हाथ
पंजाब में अगस्त महीने से ही लगातार हथियारों की खेप भिजवाने का प्रयास जारी है। चार के करीब टिफिन बम पुलिस रिकवर कर चुकी है। दो बम अजनाला और जलालाबद में ब्लास्ट भी हो चुके हैं। पाकिस्तान से बीते दिनों जितनी भी हथियारों की डिलीवरी पंजाब में हुई है, वे इन्हीं आतंकियों की मदद से की गई हैं। वहीं दूसरी ओर पंजाब इंटेलिजेंसी ने भी त्योहारों के सीजन के लिए अलर्ट जारी कर रखा है।