कनाडा जा रही स्नोई:गलियों में घूमने वाले आवारा कुत्तों को AWCS विदेश में दे रहे दूसरी जिंदगी

अमृतसर16 दिन पहले
चंडीगढ़ रवाना होने से पहले AWCS की टीम के साथ स्नोई।

विदेशी नागरिक इन दिनों अमृतसर के आवारा कुत्तों को गोद लेकर बेजुबानों के लिए नई दिशा में काम कर रहे हैं। अमृतसर की संस्था अमृतसर वेल्फेयर एंड केयर सोसायटी (AWCS) अभी तक 4 कुत्तों को विदेश भेज चुका है। कुछ दिनों में इसी संस्था में पली स्नोई भी कनाडा जा रही है। जिसे चंडीगढ़ भेज दिया गया, जहां पेपर वर्क पूरा होने के बाद उसे कनाडा भेजा रहा है।

AWCS में अन्य कुत्तों के साथ स्विटी।
AWCS में अन्य कुत्तों के साथ स्विटी।

संस्था की डॉक्टर कंवलप्रीत कौर ने बताया कि स्नोई उनके पास तकरीबन एक साल से है। वह पार्वो इन्फेक्टिड थी। लेकिन संस्था ने इसका इलाज शुरू किया। इसी दौरान विदेश में उनकी संस्था की सदस्य नवनीत कौर ने उसके लिए विदेश में परिवार ढूंढना शुरू कर दिया। फिलहाल स्नोई को चंडीगढ़ भेजा गया है, जहां उसका पेपर वर्क पूरा हो रहा है। कुछ दिनों में स्नोई कनाडा पहुंच जाएगी। इससे पहले दिसंबर 2021 में उनकी संस्था का वीर भी कनाडा पहुंच चुका है और एक अच्छी जिंदगी जी रहा है।

डॉ. नवनीत कौर कुछ समय पहले AWCS से कुछ कुत्तों को साथ ले गई थी।
डॉ. नवनीत कौर कुछ समय पहले AWCS से कुछ कुत्तों को साथ ले गई थी।

लॉकडाउन में AWCS संस्था खोलने का आया विचार

AWCS के सुखविंदर सिंह जौली बताते हैं कि कुत्तों के लिए संस्था खोलने का ख्याल लॉकडाउन के बीच उन्हें आया था। लोग तो घरों में बंद थे, लेकिन इन कुत्तों का कोई सहारा नहीं था। इसके बाद उन्होंने कुछ सहयोगियों व दोस्तों को साथ लिया और संस्था के लिए काम शुरू कर दिया। अब संस्था के पास खुद की जमीन है, जहां बीमार व घायल कुत्तों का इलाज किया जाता है। अभी फिलहाल सिर्फ कुत्तों का इलाज उनके सेंटर पर हो रहा है, लेकिन उनका सपना सभी जानवरों के लिए अस्पताल खोलने का है।

250 से अधिक कुत्तों का हो चुका ईलाज

एडवोकेट गौतम ने जानकारी दी कि AWCS में अभी तक 250 से अधिक कुत्तों का इलाज हो चुका है। अभी भी 50 के करीब कुत्ते उनके सैंटर में हैं, जिनका इलाज यहां चल रहा है। लोगों को जहां भी घायल या बीमार कुत्ते मिलते हैं, वह उनके फोन पर जानकारी देकर लोकेशन भेज देते हैं। उनकी संस्था की टीम कुत्तों को जाकर रिकवर कर लेती है। ठीक होने के बाद कुत्तों को उसी लोकेशन पर वापस भेज दिया जाता है।

विदेश में लोग पसंद करते हैं भारतीय प्रजाती को

कनाडा में सैटल NRI डॉ. नवनीत कौर बताती हैं कि विदेश में परिवार भारतीय कुत्तों को पसंद करते हैं। वह विदेश में अपने दोस्तों से AWCS में आए कुत्तों की तस्वीरें शेयर करती हैं और सोशल मीडिया पर भी उनके बारे में बताती रहती हैं। जिसके बाद खुद लोग उनसे संपर्क करते हैं और कुत्तों को लेने की पेशकश करते हैं।