SGPC की HSGPC को कड़ी चेतावनी:गुरुद्वारों पर कब्जे का प्रयास किया तो हरियाणा सरकार होगी जिम्मेदार, रिव्यू पिटीशन की तैयारी

अमृतसर6 दिन पहले
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शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) ने हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (HSGPC) को गुरुद्वारों का प्रबंधन लेने के लिए कब्जे न करने की चेतावनी दी है। SGPC के प्रधान एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने स्पष्ट कहा है कि अगर हरियाणा के गुरुद्वारों का प्रबंधन लेने के लिए कोई कब्जे की नीति या किसी किस्म की धक्केशाही की गई तो इसकी जिम्मेदार हरियाणा सरकार होगी।

धामी ने कहा कि बीते दिनों सुप्रीम कोर्ट ने जो फैसला HSGPC के मामले में दिया है, उसके लिए कानूनी माहिरों से बातचीत की जा रही है। फैसले का अर्थ यह नहीं कि इसके बाद कोई कानूनी पेंच बाकी नहीं है। SGPC सुप्रीम कोर्ट में रिव्यू पिटीशन डालने जा रही है। सरकारी जोर के साथ गुरुद्वारा साहिबों के प्रबंध पर कब्जे की नीति अपनाना ठीक नहीं है। जानकारी में आया है कि हरियाणा में भाजपा सरकार इसी नीति पर चल रही है।

SGPC ने CM खट्‌टर से मिलने का प्रयास किया

प्रधान एडवोकेट धामी ने कहा कि SGPC ने हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्‌टर से मिलने का प्रयास किया था, लेकिन उन्होंने मिलना जरूरी नहीं समझा। इससे जाहिर होता है कि सिख संस्थाओं के विरूद्ध देश में किसी तरह की साजिशें रची जा रही हैं।

सरकारें सिख मामलों से रहें दूर

प्रधान धामी ने कहा कि सिख कौम को तोड़ने, बांटने और सिख शक्ति को कमजोर करने वाली ऐसी ताकतों की चालों को कौम सफल नहीं होने देगी। सरकारों को सिख मसलों से किनारा करना चाहिए। हरियाणा सरकार को गुरुद्वारा साहिबों पर कब्जे वाली नीति आगे नहीं बढ़ानी चाहिए।