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  • The Death Rate Of Road Accidents In The District Is 69%, Second Worst In The Country; Amritsar born National Road Safety Council Member Dr. Kamaljit Soi Started 'Mission Safe Amritsar'

प्रयास:जिले में सड़क हादसों का डेथ रेट 69%, देश में दूसरा सबसे खराब; अमृतसर के जन्मे नेशनल रोड सेफ्टी काउंसिल के सदस्य डॉ. कमलजीत सोई ने शुरू किया ‘मिशन सेफ अमृतसर’

अमृतसरएक महीने पहले
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अमृतसर जिले में हर साल औसत 190 सड़क हादसे होते है, जिनमें लगभग 110 लोग जान गंवा देते हैं। इसी कारण अमृतसर में सड़क हादसों में जाने गंवानों की औसत देश में दूसरी सबसे ज्यादा है। यह दावा किया है कि नेशनल रोड सेफ्टी काउंसिल और मिनिस्ट्री ऑफ रोड ट्रांसपोर्ट एंड हाईवे के मेंबर डॉ. कमलजीत सोई ने।

डॉ. सोई के अनुसार अमृतसर का रोड एक्सीडेंट डेथ रेट 69 प्रतिशत है। यह पूरे देश में दूसरा सबसे खतरनाक है। डॉ. सोई के अनुसार डेथ रेट को कम करने का सबसे बेहतर तरीका है मिशन सेफ अमृतसर को पूरे जोर-शेर से आगे बढ़ाना। अमृतसर में जन्में डॉ. सोई ने कहा कि डब्ल्यूएचओ के अनुसार प्रदूषण वाले टॉप 20 शहराें की लिस्ट में अमृतसर का भी नाम आता है।

दावा... हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट नहीं लगी, इसलिए वाहनों पर जाली नंबर लगाकर किया जाता है क्राइम
डॉ. सोई के अनुसार अमृतसर में जितना भी क्राइम होता है, वह वाहनों पर होता है। इसका सबसे बड़ा कारण जाली नंबर है। उन्होंने कहा िक यदि पंजाब सरकार हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट अनिवार्य कर दे तो बढ़ते हुए क्राइम को रोका जा सकता है। इस प्लेट को आसानी से बदला नहीं जा सकता।

बदलने पर यह टूट जाती है। इसे नकली भी नहीं बनवाया जा सकता। इन पर संतरी, नीले और सिल्वर रंग के स्टीकर लगे होते हैं। इससे पता चलता है कि वाहन डीजल, पेट्रोल या इलेक्ट्रिकल है। 8 डिजिट के इस यूनिक आइडेंटिटी नंबर (यूआईएन) से क्राइम को कंट्रोल किया जा सकता है।

इस नंबर के बिना किसी भी वाहन का इंश्योरेंस नहीं हो सकता। आरसी भी ट्रांसफर नहीं की जा सकती। इंफोर्समेंट एजेंसी ने कभी जनता को इसका महत्व नहीं बताया है। अमृतसर में लगभग 5 लाख वाहन पुरानी नंबर प्लेट पर घूम रहे हैं। इसीलिए वह मिशन सेफ अमृतसर एक मुहिम शुरू कर रहे हैं। इसके तहत लोगों को कैशलेस प्राेजेक्ट के तहत सुविधा दी जाएगी।

जाली नंबर प्लेट लगवाकर घूमने वालाें को पकड़वाएंगे
डॉ. सोई ने कहा कि यदि 2 सप्ताह में यह सुधार नहीं किया गया तो वह जिम्मेदार लोगों के खिलाफ हाईकोर्ट जाएंगे। इससे पहले भी उन्होंने अमृतसर से पठानकोट यह प्रोजेक्ट शुरू किया था, जो कि राजनीति के भेंट चढ़ गया। उन्होंने एक वेबसाइट भी बनाई है। इसके माध्यम से अमृतसर में जाली प्लेट पर घूमने वाले लोगों का पर्दाफाश किया जाएगा।

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