मिनिस्ट्रियल स्टाफ की स्ट्राइक का दिखावा:जिस डिपार्टमेंट से सूबा प्रधान, सबसे पहले उसी के सैलरी बिल पहुंचे थे खजाना दफ्तर

अमृतसर22 दिन पहले
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  • यूनियन को समर्थन करने वाले विभाग ने स्ट्राइक के बीच सैलरी बिल बनाकर भेजे, इसी पर क्लीयर हुआ था 150 विभागों के कर्मियों का वेतन

पंजाब स्टेट मिनिस्ट्रियल यूनियन सर्विसेज (पीएसएमएसयू) कर्मचारी हितों को लेकर सरकारी कामकाज का बायकाट करने को लेकर स्ट्राइक कर विभागों को सपोर्ट में लेता रहता है, लेकिन यह स्ट्राइक सिर्फ लोगों को परेशान कर सरकारी फाइलें लटकाने के अलावा कुछ भी नहीं है। 30 दिन बाद स्ट्राइक खत्म कर सरकारी दफ्तरों में कामकाज शुरू करने का निर्णय तो ले लिया गया है, मगर स्ट्राइक के दिनों में दिवाली त्योहार पर कर्मचारियों की सैलरी उनके खातों में पहुंच जाए, इसके लिए बिल तैयार करते रहे। यही नहीं क रीब 150 डिपार्टमेंट के तैयार कर पहुंचा भी दिए गए। इनमें शहरी इलाकों के 4 स्कूलों का नाम भी शामिल है जिन्होंने वेतन का बिल तैयार कर पहुंचाया।

सवाल यह खड़ा होता है कि आखिर पेन-डाउन स्ट्राइक थी तो बिल कैसे तैयार किया गया और सिर्फ लोगों का ही काम करने से कर्मचारियों ने इंकार किया। खजाना दफ्तर के सूत्रों का कहना है कि जिस डिपार्टमेंट से सूबा प्रधान बनाया गया है, उसी विभाग के कर्मचारियों का सैलरी बिल तैयार होकर खजाना दफ्तर पहुंच गया था। जब पेन-डाउन स्ट्राइक का ऐलान होने के बाद विभागों ने समर्थन कर दिया तो बिल बनाकर भेजना ही गलत है। यूनियन में यूनिटी की बात करें तो सूबा प्रधान का दूसरे विभागों के बने संगठनों के प्रधानों के पास उनका मोबाइल नंबर तक नहीं है। बता दें कि 8 नवंबर को सरकारी दफ्तरों को खोलने की तैयारी तो है वहीं 2 दिन बाद 10 नवंबर को ही पीएसएमएसयू के सूबा प्रधान ने विभागों के पदाधिकारियों की मीटिंग बुलाई है।

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