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  • The Second MLA From The City, Who Has Risen To The Post Of Deputy CM, Had Also Reached The Court Against Sidhu In 2009. Soni

ओपी सोनीः मेयर से पंजाब के 5वें डिप्टी CM:अमृतसर सेंट्रल सीट से दूसरे ऐसे विधायक, जो उप मुख्यमंत्री के पद तक पहुंचे; 2009 में सिद्धू के खिलाफ कोर्ट भी पहुंच गए थे

अमृतसर2 महीने पहले
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अमृतसर के पहले मेयर बनने वाले ओम प्रकाश सोनी ने सोमवार को राज्य के 5वें डिप्टी CM की कुर्सी संभाली। अमृतसर जिले से वह दूसरी ऐसी शख्सियत हैं, जो इस पद तक पहुंचे। इससे पहले बलराम दास टंडन 17 फरवरी 1969 से 26 मार्च 1970 तक डिप्टी CM चुने गए थे। सोनी और बलराम दास टंडन में एक और समानता यह भी है कि दोनों ही अमृतसर सेंट्रल सीट से विधायक चुने गए। ओपी सोनी ने पूरे राजनीतिक करियर में एक चुनाव छोड़कर सभी चुनाव जीते। सोनी उस समय पूरे अमृतसर की जनता के दिल में उतरे, जब वह शहर के पहले मेयर बने।

अमृतसर को नगर निगम का दर्जा 1991 में दिया गया था। तब पार्षदों के चुनाव हुए और सोनी को शहर का पहला मेयर बनने का मौका मिला। वह 2 बार आजाद चुनाव लड़े और दोनों बार जीत हासिल की। सोनी का जन्म 3 जुलाई 1957 को अमृतसर के गांव भीलोवाल पक्का में जगत मितर सोनी के घर पर हुआ। अमृतसर में ही उनकी पढ़ाई हुई और पोस्ट ग्रेजुऐशन भी की। सोनी ने पहली बार 1997 में विधानसभा चुनाव में जीत हासिल की थी।

आजाद चुनाव लड़े थे सोनी
1997 में कांग्रेस और कम्यूनिस्ट पार्टी का गठजोड़ था। मेयर बनने के बाद सोनी का कद शहर में काफी ऊंचा हो गया था। 1997 को विधानसभा चुनाव घोषित हुए। सोनी ने चुनावों के दौरान अमृतसर वेस्ट से दावेदारी को पेश की। लेकिन यह सीट कम्यूनिस्ट पार्टी के हाथो में थी और कांग्रेस ने उन्हें टिकट देने से मना कर दिया। जिससे खफा होकर सोनी ने आजाद चुनाव लड़ने का मन बना लिया और जीत भी हासिल की। यही स्थिति 2002 में भी पैदा हुई और सोनी फिर आजाद खड़े हुए और जीत हासिल की।

2007 में कांग्रेस से मिला टिकट
2007 में कांग्रेस ने अमृतसर वेस्ट से सोनी को चुनाव मैदान में उतारा और उन्होंने एक बार फिर सफलता हासिल की। यह उनकी हैट्रिक थी। कांग्रेस को भी समझ आ चुका था कि अमृतसर में सोनी से मजबूत कैंडिडेट और कोई नहीं। 2012 में कैप्टन सरकार ने ही सोनी को सेंट्रल हलके से टिकट दिया। सोनी तो जीत गए, लेकिन कांग्रेस सत्ता में नहीं आ सकी। इसके बाद 2017 में सोनी ने फिर सेंट्रल हलके से चुनाव लड़ा और जीत के बाद पहले शिक्षा मंत्री और अब मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च मिनिस्टर बनाया गया।

जब सिद्धू के खिलाफ खड़े हुए सोनी
2009 में लोकसभा चुनावों के दौरान पंजाब प्रदेश कांग्रेस के प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू (तब बीजेपी में थे) के सामने कांग्रेस ने ओम प्रकाश सोनी को खड़ा किया था। इन चुनावों में सोनी की जीत निश्चित मानी जा रही थी। काउंटिंग के दिन सुबह से ही सोनी को बढ़त मिल रही थी। कहा जाता है कि सोनी खेमे ने लड्‌डू भी तैयार करवा लिए। लेकिन शाम को एक दम से ही सिद्धू को जीता उम्मीदवार घोषित कर दिया गया। दोनों को मिले वोट में अंतर मात्र 6858 ही था। जिसके बाद सोनी ने कोर्ट का रुख किया था। हालांकि कोर्ट में इस पर कोई फैसला नहीं आया।

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