प्रदूषण घटा:इस बार चार बरसों में सबसे कम पराली जली, 30 दिन में एक्यूआई 200% सुधरा

अमृतसरएक महीने पहले
  • कॉपी लिंक
फाइल फोटो - Dainik Bhaskar
फाइल फोटो
  • इस साल 338 जगह ज्यादा चिह्नित, मगर 1036 जगहों पर ही मिली आग
  • 578 किसानों पर 14.60 लाख रुपए जुर्माना, 468 के गिरदावरी में रेड एंट्री

किसानों की ओर से पराली जलाने की घटनाएं 4 सालों के दौरान कम हुई हैं, लेकिन बीते साल की अपेक्षा इस बार 1036 जगहों पर ही पराली में आग लगी पाई गई है। हालांकि सेटेलाइट से पराली में आग लगाने की 338 अधिक जगहों पर सूचनाएं दी गईं। पराली नहीं जलाए जाने के कारण 30 दिनों में एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) करीब 200 फीसदी तक कम होकर ग्रीन जोन में 94 एक्यूआई तक पहुंच गया है।

जबकि दिवाली त्योहार पर प्रदूषण का स्तर आतिशबाजी व पराली दहन की वजह से अधिकतम 500 एक्यूआई तक पहुंच गया था। बता दें कि नवंबर 30 तक सेटेलाइट ने 2175 जगहों पर आग लगने की सूचनाएं दी जिनमें 48 घंटों के भीतर 2081 घटनाओं को प्रशासन की टीम ने कवर किया। वहीं 94 जगहों की विजिट 7 दिसंबर तक पेंडिंग रही। 1036 जगहों पर आग की घटनाएं पाई गईं और 578 किसानों के खिलाफ 14.60 लाख का जुर्माना जबकि 468 के गिरदावरी में रेड एंट्री दर्ज की गई है। गौर हो कि 2020 में सेटेलाइट ने 2413 जगहों पर सूचनाएं दी थी और 1036 जगहों पर आग लगने की घटनाएं मिली थी। 787 किसानों पर करीब 20.50 लाख का मुर्माना लगाया गया था। अमृतसर तहसील-1 में सबसे कम 191 जगहों पर पराली किसानों ने जलाई जबकि पहले पायदान पर 610 घटनाओं के साथ लोपोके रहा है।

अमृतसर-2 में 52 और बाबा बकाला में 23 विजिट पेंडिंग

सबसे अधिक अमृतसर-2 तहसील में 52 और बाबा बकाला साहिब में 23 जगहों पर जहां पराली जलाने की सूचनाएं मिली विजिट पेंडिंग है। जबकि मजीठा में 2, अमृतसर-1 तहसील में 9, लोपोके में 8 स्थानों पर टीम को विजिट करना है। वहीं अजाना में जीरो फीसदी विजिट पेंडेंसी है।

पराली जलाने के मामले आने बंद हो चुके हैं। जो भी केस सामने आए उनमें एक्शन रिपोर्ट तैयार कर उच्च अफसरों को भेज दी है। प्रदूषण स्तर भी सुधार है। ग्रीन जोन व मॉडरेट से अधिक एक्यूआई नहीं जा रही।
-अमृतपाल सिंह चाहल, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड

पराली जलाने के केस कम करने में टीम सफल रही है। इसकी वजह टेक्नॉलाजी व किसानों में जागरूकता है। सेटेलाइट से आग मिलने वाली सूचनाओं भी पिछली बार की अपेक्षा कम मिली हैं। फाइनल रिपोर्ट तैयार कर सरकार को भेज दी जाएगी।
-गुरप्रीत सिंह खैहरा,डीसी

खबरें और भी हैं...