बॉर्डर से टिफिन बम, हैंड ग्रेनेड और 100 कारतूस बरामद:BSF के जवानों और पुलिस ने अमृतसर का चप्पा-चप्पा खंगाला; पाकिस्तान से आया था ड्रोन, एक बैग फेंककर लौट गया

अमृतसरएक वर्ष पहले
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बॉर्डर से बरामद हुआ टिफिन बम। - Dainik Bhaskar
बॉर्डर से बरामद हुआ टिफिन बम।

15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के मौके पर देश में आतंकी हमले की एक साजिश को नाकाम किया गया है। पाकिस्तान ने रविवार की रात को ड्रोन के जरिए हथियारों और आरडीएक्स से भरा एक बैग पंजाब में बच्चीविंड के बॉर्डर एरिया में फेंका। लेकिन पुलिस ने उसे बरामद करके टिफिन बम को डिफ्यूज करते हुए बड़ा हादसा टाल दिया।

डीजीपी दिनकर गुप्ता ने एक प्रेसवार्ता करके इस पूरे हादसे को बयां किया। उन्होंने बताया कि पाकिस्तान की एक नापाक साजिश नाकाम की गई है। शनिवार-रविवार की देर रात बॉर्डर से सटे देहात एरिया के पुलिस स्टेशन लोपोके के तहत आने वाले गांव डालेके में ड्रोन की मूवमेंट देखी गई। गांव के पूर्व सरपंच ने फोन करके पुलिस को इसकी सूचना दी।

सरपंच ने पुलिस को बताया कि ड्रोन जैसी चीज की आवाज आ रही थी। तभी जोर से धड़ाम की आवाज आई, जैसे कोई सामान फैंकने पर आती है। जानकारी मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर एरिया में सर्च ऑपरेशन चलाया। कर दिया। रविवार देर शाम 6.30 बजे के करीब पुलिस को सफलता मिली और एक बैग से बम और हथियार बरामद हुए।

पत्रकार वार्ता करते डीजीपी दिनकर गुप्ता।
पत्रकार वार्ता करते डीजीपी दिनकर गुप्ता।

7 पैकेट थे बैग में

डीजीपी गुप्ता ने बताया कि बैग में से 7 पैकेट मिले। जिन्हें एक-एक करके खोला गया तो पहले पैकेट में तीन छोटे पैकेट में 100 गोलियां रखी हुई थीं, जो 9एमएम की थीं। तीन अन्य पैकेट में 5 हैंड ग्रेनेड थे। 7वें पैकेट को देखकर सभी हैरान रह गए। उसमें गुलाबी रंग का प्लास्टिक का डिब्बा मिला, जिसमें आरडीएक्स भरा हुआ था। इसे इंप्रोवाइज्ड एक्सपलोजिव डिवाइस (IED) के साथ जोड़ा गया था।

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तीन तकनीकों का प्रयोग किया गया

डीजीपी ने बताया कि टिफिन में तीन किलोग्राम आरडीएक्स था। पूरा टिफिन तीन तरीकों से जोड़ा गया था। जिसके चलते इसे तीन तरीकों से फोड़ा जा सकता है। एक मैग्नेटिक ट्रिक थी। अगर एक्टिवेट करने के बाद इसमें अधिक मूवमेंट हो तो ये आसानी से फट सकता है। दूसरी इसमें स्प्रिंग तकनीक प्रयोग की गई थी। एक्टिवेट करके छोड़ा जाए तो ये कुछ समय बाद खुद फट सकती थी। दूसरी भाषा में इसे टाइम बम कह सकते हैं। तीसरी तकनीक, इसे रिमोट के जरिए या मोबाइल के जरिए भी फोड़ा जा सकता था।

बैग में मिले पैकेट में भरे कारतूस।
बैग में मिले पैकेट में भरे कारतूस।

एनएसजी को बुलाना पड़ा

टिफिन बम की तकनीक इस कदर पेचीदा थी कि पंजाब पुलिस को इसकी जानकारी नेशनल सिक्योरिटी गार्ड को देनी पड़ी। एनएसजी के कमांडो व बम डिफ्यूजल दस्ते ने इसे अपने कब्जे में लेकर डिफ्यूज किया। डीजीपी गुप्ता ने बताया कि स्वतंत्रता दिवस आने वाला है और पंजाब के माहौल को दोबारा खराब करने की नीयत से इस तरह की घटिया हरकत की गई है।

बच्चों को आकर्षित करने वाले बम
डीजीपी ने बताया कि जिस टिफिन को बम बनाया गया है, उसे तीन तरीकों से फोड़ सकते थे। लेकिन टिफिन बच्चों को आकर्षित करने वाला था। उस पर बहुत अच्छे कार्टून बने थे। ऐसी चीजें इस्तेमाल करने का मकसद ये होता है कि टिफिन बच्चे को अच्छा लगा और वह उसे उठाकर ले जाए। फिर जब वो भीड़ वाले इलाके में हो तो उसे वहां ब्लास्ट कर दिया जाए। जैसे ह्यूमन बम होता है।

डीजीपी ने की एसएसपी और सीपी से बैठक

बम मिलने के बाद डीजीपी दिनकर गुप्ता की ओर से सभी जिलों के कमिश्नर ऑफ पुलिस और एसएसपी के साथ बैठक की गई। उन्हें मामले से अवगत कराया गया और अपने इलाकों में सुरक्षा कड़ी करने को कहा गया। पुलिस को इन खास बम के बारे में भी जानकारियां दी गई हैं और सर्च ऑपरेशन को और तेज करने के लिए कहा गया है।

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