वादा पूरा करने के करीब पहुंचा भारत:UN वर्ल्‍ड फूड प्रोग्राम के तहत 3000 मीट्रिक टन गेहूं की खेप अफगानिस्तान रवाना

अमृतसर7 महीने पहले
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ट्रकों को अफगानिस्तान के लिए रवाना करते हुए अधिकारी। - Dainik Bhaskar
ट्रकों को अफगानिस्तान के लिए रवाना करते हुए अधिकारी।

भारत ने बीते साल अफगानिस्तान को 50 हजार मीट्रिक टन गेहूं देने का वादा किया था। भारत अपने इस वादे को पूरा करने के करीब पहुंच चुका है। अभी तक भारत 33,500 मीट्रिक टन गेहूं की खेप को अफगानिस्तान भेजने में सफल हो चुका है। अफगानिस्तान के लिए भारत ने इस माह 3 हजार मीट्रिक टन गेहूं की एक और खेप को अफगानिस्तान रवाना कर दिया है।

गौरतलब है कि अफगानिस्तान में तख्ता पलट के बाद भुखमरी के हालात पैदा हो गए थे। भारत ने अफगानिस्तान के नागरिकों व सरकार की तरफ दोस्ती का हाथ बढ़ाया था। भारत ने बीते साल वादा किया था कि वे अफगानिस्तान को 50 हजार मीट्रिक टन गेहूं की खेप भेजेंगे। भारत 33500 मीट्रिक टन गेहूं पाकिस्तान के रास्ते अफगानिस्तान भेज चुका है। मई महीने में भी भारत ने 2000 मीट्रिक टन गेहूं अफगानिस्तान भेजा था।

अफगानिस्तान जाने के लिए तैयार ट्रक।
अफगानिस्तान जाने के लिए तैयार ट्रक।

भूचाल के बाद भी भेजी राहत सामग्री

50 हजार मीट्रिक टन के अलावा भी भारत लगातार अफगानिस्तान की मदद के लिए आगे आ रहा है। कुछ दिन पहले अफगानिस्तान में आए भूचाल के बाद भी भारत ने मदद का हाथ बढ़ाया था। भारत ने भूचाल पीड़ितों के लिए दो जहाज राहत सामग्री अफगानिस्तान भेजी है।

भारत-अफगानिस्तान में बेहतर होते रिश्ते

तालिबान का शासन आने के बाद हर कोई भारत-अफगानिस्तान रिश्तों को लेकर चिंतित था, लेकिन पहले 50 हजार मीट्रिक टन गेहूं की मदद का वादा करने के बाद से ही दोनों देशों के रिश्ते बेहतर होते जा रहे हैं। भारत ने अफगानिस्तान में तकरीबन 10 माह से बंद पड़े अपने दूतावास को भी दोबारा खोल दिया है।