डीसी दफ्तर के कर्मियों की हड़ताल:डीसी दफ्तर के कर्मियों की हड़ताल शुरू, दफ्तरों में नहीं हुआ काम, कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने की मांग

बरनाला2 महीने पहले
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धरने पर सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते कर्मचारी। - Dainik Bhaskar
धरने पर सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते कर्मचारी।

डीसी दफ्तर कर्मचारी यूनियन की 5 दिवसीय हड़ताल सोमवार को शुरू हुई। इसके चलते तहसील दफ्तर में कहीं पर भी काम नहीं हो सका। तहसील दफ्तर में रजिस्ट्रियों का काम पूरी तरह से प्रभावित रहा। 1 दिन में जिले में लगभग 100 रजिस्ट्रियां की जाती है जोकि नहीं हो सकी। आने वाले दिनों में भी पूरा काम बंद रहेगा।

डीसी दफ्तर कर्मचारी यूनियन के प्रदेश प्रधान तेजिंदर सिंह, जिला प्रधान रेशम सिंह, निर्मलजीत सिंह, विक्की डाबला, अमनदीप और गौरव शर्मा ने कहा कि प्रदेश सरकार से अब आरपार की लड़ाई लड़ेंगे। उन्होंने बताया कि जिला बरनाला में 36 कर्मचारी कच्चे तौर पर सरकारी दफ्तरों में काम कर रहे हैं। उन कर्मचारियों को टेस्ट लेकर भर्ती किया गया था और पक्की पोस्टों पर वह भर्ती हैं लेकिन वह कच्चे तौर पर काम कर रहे हैं व लगभग 12 साल से वे ड्यूटी कर रहे हैं और अब उनकी कोई भी टेस्ट देने की आयु सीमा भी निकल चुकी है लेकिन प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन द्वारा उनकी जगह पर पक्के कर्मचारियों की नौकरी पर रखने का अलॉटमेंट हो चुका है, जिससे उनको कच्चे कर्मचारियों की नौकरी जाने का खतरा बना हुआ है।

प्रदेश के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने चुनाव में कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने का वादा किया था लेकिन अब उनकी नौकरी पर तलवार लटक रही है। यह किसी भी हालत में बर्दाश्त करने लायक नहीं है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन की तरफ से भी उनकी बात पर ध्यान नहीं दिया जा रहा। इसलिए वह अपने संघर्ष को तेज करेंगे। इस दौरान कैबिनेट मंत्री गुरमीत सिंह मीत हेयर के ओएसडी हसनप्रीत भारद्वाज कर्मचारियों से मांग पत्र लेने आए। उन्होंने आश्वासन दिया कि सरकार कुछ भी करें किसी भी कर्मचारी की नौकरी नहीं जाएगी। वह आर-पार की लड़ाई लड़ेंगे। इस मौके पर बड़ी संख्या में तैनात कर्मचारियों ने जिला प्रशासन और प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।

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