राम भरोसे चल रहा पशु चिकित्सालय:राम भरोसे बेसहारा गाय, इनके इलाज के लिए वेटरनरी विभाग के पास नहीं है फंड

बरनाला2 महीने पहले
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लंपी स्किन की शिकार सड़कों पर घूम रही बेसहारा गायें अब भगवान भरोसे है। उनके इलाज के लिए वेटरनरी विभाग के पास फंड नहीं है। विभाग के अधिकारी और नगर कौंसिल के अधिकारी एक-दूसरे पर इसकी जिम्मेदारी डाल रहे हैं।

बता दें कि बीमारी से पीड़ित पशुओं के इलाज के लिए सरकार नेे जिले में 3 लाख का फंड भेजा था जोकि सिर्फ किसानों की गायों पर ही इस्तेमाल किया जा सकता है। इसकी पुष्टि वेटरनरी विभाग के डिप्टी डायरेक्टर लखबीर सिंह ने की है। गोशाला में रखीं गायों और सड़कों पर घूम रही बेसहारा गायों का इलाज करने के लिए उनके पास कोई फंड नहीं है। उन्होंने दानी सज्जनों से अपील की कि अगर वे इस संबंधित कोई फंड दिलवा दें या इसके लिए सरकार फंड जारी कर दे तो उनकी टीम इलाज करने को तैयार है। समाजसेवी प्रवेश कुमार, अनिल बंसल नाणा ने कहा कि सरकार का यह नियम गलत है। बेसहारा गाय के नाम पर काउसेस इकट्ठा करने वाली सरकार ने उन्हें गंभीर बीमारी में सड़कों पर बेसहारा छोड़ दिया है। अगर बेसहारा गायों के लिए फंड जारी नहीं किया तो वह बड़े विरोध के लिए तैयार रहें।

उधर, शहर में बीमारी से ग्रस्त गायें शहर में घूम रही हैं लेकिन उनके इलाज के लिए ना तो वेटरनरी विभाग आगे आ रहा है। धनौला के पोस्ट ऑफिस के पास बीमारी से ग्रस्त गाय की जानकारी दैनिक भास्कर द्वारा वेटरनरी विभाग के डॉक्टर करमजीत सिंह को दी तो उन्होंने कहा कि जो गाय सड़कों पर बेसहारा घूम रही है अगर वह शहर में है तो इस संबंधित नगर कौंसिल लिखकर दे। अगर वह गांव में है तो पंचायत लिख कर दे, तभी वह इलाज शुरू कर सकते हैं और इसके लिए फंड मुहैया करवाया जाए। वहीं, नगर कौंसिल के ईओ ने कहा विजय जिंदल ने कहा कि जो गाय बीमारी से प्रभावित लगेगी, उसकी जानकारी वह वेटनरी विभाग को देंगे लेकिन वह महामारी से ग्रस्त है या नहीं इसका फैसला वेटरनरी विभाग ही कर सकेगा। वह जल्दी इस मामले में कोई कार्यवाही करेंगे।

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