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छात्राओं की अनोखी पहल:शहर को सिंगल यूज प्लास्टिक से मुक्त करने के लिए, स्कूल में थैले बनाए, अब लोगों में बांट कर रहीं जागरूक

बरनाला2 महीने पहले
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गांधी आर्य हाई स्कूल के बाहर थैले बांटतीं छात्राएं।-भास्कर - Dainik Bhaskar
गांधी आर्य हाई स्कूल के बाहर थैले बांटतीं छात्राएं।-भास्कर

अंकल जी अगर हम पर्यावरण को बचाएंगे तो ही हमारा भविष्य सुरक्षित होगा। सिंगल यूज प्लास्टिक के इस्तेमाल की बजाय थैले का इस्तेमाल करें। गांधी आर्य स्कूल की छात्राओं ने स्कूल के पास सड़क किनारे खड़े होकर आने-जाने वाले राहगीरों को रोक कर यह संदेश दिया। गांधी आर्य स्कूल की तरफ से बड़ी मुहिम शुरू की गई है। इसमें स्कूल की तरफ से अब तक लगभग 2000 थैले बांटे गए हैं और दानी सज्जनों और लोगों के सहयोग से शहर में 50 हजार थैले बांटने का टारगेट रखा गया है। इससे लोगों को सिंगल यूज प्लास्टिक के इस्तेमाल से रोका जा सके और बाजार में जाने वाले लोग अपने साथ अपना थैला लेकर जाएं।

वहीं, इस संबंधी स्कूल के प्रिंसिपल राज महेंद्र शर्मा ने बताया कि सरकार की तरफ से 1 जुलाई से सिंगल यूज प्लास्टिक के लिफाफे पर प्रतिबंध लगाया गया है। इसमें आम तौर पर लोग सामान, फल, सब्जी लेकर आते हैं। एक अगस्त से अब सिंगल यूज प्लास्टिक इस्तेमाल करने वाले और रखने वालों पर जुर्माना लगाने का प्रावधान है, लेकिन लोगों में आदत बनी हुई है कि वह जब भी बाजार कोई सामान लेकर जाते हैं तो खाली हाथ जाते हैं और वहां से लिफाफे में लेकर आते हैं और वह लिफाफे हमारे पर्यावरण में मिक्स होकर वातावरण को दूषित करते हैं।

हाथ जोड़ बाेलीं-अंकल जी! पर्यावरण को बचाएंगे तो हमारा भविष्य सुरक्षित होगा

उनके स्कूल की छात्राएं 10-10 का ग्रुप बनाकर 10 से 15 मिनट तक लोगों को जागरूक करती हैं। यह प्रक्रिया अलग-अलग छात्राएं करीब 2 से 3 घंटे स्कूल के गेट के बाहर चलाती हैं। उनके साथ स्कूल का स्टाफ भी हाजिर रहता है। वह अपने हाथ में थैले रखते हैं। वहीं, स्कूटर, कार, रिक्शा आदि को रोककर उसे समझाया जाता है कि जब भी बाजार सामान लेने जाएं तो थैला जरूर लेकर जाएं, साथ ही एक थैला दिया जाता है।
शहर से रोज निकलता है 40 टन कचरा, इसमें 20 टन सिंगल यूज प्लास्टिक

नगर कौंसिल के ईओ मनप्रीत सिंह ने बताया कि शहर के 31 वार्डों से हर रोज करीब 40 टन कचरा निकलता है। इसमें से 20 टन कचरा सिर्फ सिंगल यूज प्लास्टिक का होता है। अगर शहर के लोग पूरी तरह से जागरूक हो जाएं तो शहर को लगभग 20 टन कचरे से मुक्ति मिल जाएगी। अब जागरूक होना सभी लोगों के लिए जरूरी है, क्योंकि अब जुर्माने का प्रावधान है। प्लास्टिक के लिफाफे के साथ पकड़े गए तो 200 रुपए या इससे अधिक जुर्माना हो सकता है और पर्यावरण के लिए यह बेहद भयंकर है, इसलिए सभी को मिलकर काम करना चाहिए।

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