पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

बार-बार आश्वासनों से खिलाड़ी नाखुश:नौकरी न मिलने से नाराज 14 खिलाड़ियों ने की सरकार को ऑवार्ड वापस करने की घोषणा

अबोहरएक महीने पहले
  • कॉपी लिंक
  • दिव्यांग खिलाड़ी मुख्यमंत्री के निवास के बाहर 24 को देंगे धरना; बोले- खर्चा चलाना हुआ मुश्किल

पंजाब में कांग्रेस सरकार सत्ता में आने पर कैबिनेट में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों को दर्जा 1 और दर्जा 2 पर नौकरी देने का फैसला किया गया था, लेकिन खिलाड़ियों को बार-बार मात्र नौकरी देने का आश्वासन ही दिया जाता है।

जिसके चलते अंतरराष्ट्रीय पैरा बैडमिंटन खिलाड़ी व गांव तेलूपुरा निवासी संजीव कुमार के नेतृत्व में दिव्यांग खिलाड़ियों द्वारा 24 जून को चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के निवास के समक्ष धरना लगाया जा रहा है। 24 जून को स्टेट अवार्डी व महाराजा रणजीत सिंह अवार्डी वीना अरोड़ा, स्टेट अवार्डी कुलदीप सिंह, गुरदीप, राजेश्वर, वरिंदर खन्ना, गुरसेवक, जतिंदर और राष्ट्रीय स्तरीय खिलाड़ी श्रीपाल, बरिंदर, अजय सिंह, रंजीत मलोट, हरदीप, गुरविंदर अन्य खिलाड़ी नौकरी की मांग को लेकर धरना प्रदर्शन करेंगे और उनके द्वारा जीते गए ऑवार्ड वापिस दिए जाएंगे।

पैरा बैडमिंटन खिलाड़ी संजीव कुमार ने बताया कि पंजाब सरकार ने सबसे बड़ा खेल अवार्ड महाराजा रणजीत सिंह अवार्ड देकर तो सम्मानित किया है, लेकिन पंजाब सरकार ने दिव्यांग पैरा खिलाड़ियों को अपनी रोजी-रोटी कमाने के लिए नौकरी देने का प्रबंध नहीं किया।

आरोप स्पोर्ट्स कोटे में 5 पोस्टें हैं खाली, पंजाब सरकार टिक-टाॅक स्टार के परिवार व विधायकों के बेटों को दे रही सरकारी नौकरी
अंतरराष्ट्रीय पैरा बैडमिंटन खिलाड़ी संजीव कुमार ने बताया कि आरटीआई डालने पर पता चला कि पंजाब में स्पोर्ट्स कोटे में 5 पोस्टें खाली हैं। इसके अलावा एक कोच का पद भी खाली पड़ा है, जो नहीं भरे जा रहे। वहीं दूसरी तरफ पंजाब सरकार द्वारा टिक टॉक स्टार नूर के पिता को पंजाब पुलिस में और दो विधायकों के बेटों को सरकारी नौकरी दी जा रही है। जबकि देश का नाम रोशन करने वाले खिलाड़ियों को रोजगार के लिए दर-दर की ठोकरें खानी पड़ रही हैं।

ओलंपिक में पंजाब सरकार ने नहीं किया सहयोग
संजीव ने बताया कि ओलंपिक क्वालीफाई करने के लिए 13 टूर्नामेंट खेलने थे। जिसमें एक टूर्नामेंट खेलने के लिए उसे भारत सरकार द्वारा भेजा गया, जिसमें उसने गोल्ड मेडल जीता। उसके बाद तमिलनाडु के कोच इरफान के सहयोग से 4 टूर्नामेंट खेले। 7 टूर्नामेंट खेलने के लिए उसने पंजाब सरकार से सहयोग मांगा, लेकिन कोई सहयोग नहीं मिला। जिसके कारण ओलंपिक क्वालीफाई नहीं कर सके।
पांच अंतरराष्ट्रीय और 17 राष्ट्रीय गोल्ड मेडल जीतकर सूबे का नाम किया रोशन
संजीव कुमार ने बताया कि उसने पंजाब और भारत के लिए कुल 38 मेडल जीते हैं। जिसमें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 5 स्वर्ण पदक, 1 रजत पदक और 7 कांस्य पदक के अलावा राष्ट्रीय स्तर पर 17 स्वर्ण पदक, 5 रजत पदक और 3 कांस्य पदक जीत चुका है, लेकिन सरकार ने उनकी कोई मदद नहीं की, जबकि उसका घर का गुजारा चला पाना भी मुश्किल हो रहा है।
मांग को लेकर अब दूसरी बार लगाया जा रहा धरना
संजीव कुमार ने बताया कि नौकरी की मांग को लेकर दिव्यांग खिलाड़ियों द्वारा 2019 में सीएम के निवास पर धरना दिया था, तो उस समय नौकरी का आश्वासन दिया गया, परंतु आज तक उनकी कोई सुनवाई नहीं की गई। मजबूरन उन्हें दोबारा धरना लगाया जाएगा।

खबरें और भी हैं...