पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App

खुदकुशी:खेतों में बारिश का पानी भर जाने से खराब हुई फसल, कर्ज से परेशान किसान ने फंदा लगाकर की आत्महत्या

अबोहर13 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
  • खराब हुई फसल का 50% से ज्यादा रकबा किसानों ने ठेके पर लिया है
  • अब खेतों में पानी भर जाने से किसानों को गेहूं की बिजाई की भी उम्मीद नहीं

(हरप्रीत सिंह पन्नू) हल्का बल्लुआना में अबुलखुराना ड्रेन ओवरफ्लो होने के कारण गांव पक्की, बल्लुआना, केराखेड़ा का पूरा पानी गांव बहावलबासी और ढाणी सुच्चा सिंह की नरमे व धान की हजारों एकड़ फसलें बर्बाद हो गई। जिसके कारण किसानों पर लाखों रुपए का कर्ज हो गया है। फसल में खड़े पानी और कर्ज से परेशान होकर गांव बहावलबासी के एक किसान ने शनिवार रात्रि फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली, जिसका शव रविवार सुबह सीतो रोड पर बने एक चाय के खोखे में बांस से लटका हुआ मिला।

जानकारी अनुसार गांव बहावलबासी निवासी 45 वर्षीय किसान गुरमीत सिंह पुत्र हरनेक सिंह ने 10-12 एकड़ जमीन ठेके पर लेकर फसल की बिजाई की हुई थी, लेकिन बारिश आने से उसके खेतों में पानी भर गया और उसकी फसल बर्बाद हो गई। जिसके चलते वह पिछले काफी दिनों से परेशान चल रहा था। पुलिस ने परिवार के बयानों पर धारा 174 की कार्रवाई कर शव परिजनों को सौंप दिया।

बता दें कि बल्लुआना विधानसभा में खराब हुई फसल में 50 प्रतिशत से ज्यादा रकबा किसानों द्वारा ठेके पर लेकर फसल की बिजाई की हुई थी, जिसके कारण वे कर्ज के तले दब गए हैं। उधर गांवों के किसानों ने प्रशासन के खिलाफ रोष जताते हुए कहा कि प्रशासन को शीघ्र उनकी समस्या का समाधान करें ताकि कोई ओर किसान ऐसे अपनी जीवन लीला समाप्त न करें। बहावलबासी गांव व ढाणी सुच्चा सिंह के किसानों ने बताया कि 5 साल पहले हुई मूसलाधार बारिश और अबुलखुराना ड्रेन टूटने के कारण ऐसे ही हालात हो गए थे, लेकिन उस समय इससे हालात थोड़े काबू में थे। उस समय भी खेतों में बारिश का पानी भरने से सेम आ गई थी, जो 4 साल तक रही। सेम के कारण खराब हुई फसल के कारण आज तक किसान बहाल नहीं हो सके और अब फिर से वैसे ही हालात हो गए हैं। उन्हें आने वाले सीजन में गेहूं तक की बिजाई की उम्मीद नहीं है।

खानापूर्ति कर रहा प्रशासन, बड़ी ड्रेन बनाकर नहीं करवा रहा पानी की निकासी

खेतों में भरे पानी की निकासी के लिए प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा खानापूर्ती करते हुए सीतो रोड पर आर्जी तौर पर खाला बनाकर चौक पर मोटरें लगाकर उसके जरिए पानी आगे मलूकपुरा नहर में फैंका जा रहा है, लेकिन इसके जरिए तो किसानों के खेतों से पानी निकालने में 3 से 4 महीने से भी ज्यादा समय लग जाएगा।

इसलिए किसानों ने प्रशासन ने मांग की है कि अगर जल्दी पानी की निकासी करनी है तो रेलवे लाइन के नीचे बनी पुलियों को बढ़ा किया जाए और सीतो रोड के साथ बड़ा ड्रेन बनाकर सीधे खेतों से पानी की निकासी की जाए तो जल्दी पानी की निकासी होगी। लेकिन वहीं प्रशासन द्वारा इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा।

किसानों को मिलेगा 12000 प्रति एकड़ मुआवजा, जबकि खर्च हुआ है ज्यादा
तहसीलदार कम एसडीएम जसपाल सिंह बराड़ ने बताया कि खराब हुई फसल का किसानों को 12000 रुपए प्रति एकड़ के हिसाब से मुआवजा राशि दी जाएगी, लेकिन वहीं किसानों ने कहा कि उनकी फसल पूरी तरह से तैयार थी, जिस पर उन्होंने आढ़तियों से कर्ज लेकर करीब 20 से 25 हजार रुपए तक खर्च कर दिया है। वहीं सरकार उन्हें 12 हजार रुपए मुआवजा देकर उनके हालातों का मजाक उड़ा रही है।

दो दिग्गज नेताओं ने सुनीं किसानों की समस्याएं, समाधान किसी के पास नहीं
20 अगस्त को हुई बारिश से 56 हजार एकड़ से भी ज्यादा फसल खराब हो गई, बारिश से प्रभावित गांवों का दौरा करने 18वें दिन शिअद के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल पहुंचे तो वहीं 20वें दिन पंजाब कांग्रेस प्रधान सुनील जाखड़ भी किसानों के दुख दर्द सुनने के लिए पहुंचे। लेकिन दोनों नेताओं ने राहत के लिए कोई बड़ा ऐलान नहीं किया। जिसके चलते उनका दौरे से किसानों का कोई फायदा नहीं हुआ।

आज का राशिफल

मेष
Rashi - मेष|Aries - Dainik Bhaskar
मेष|Aries

पॉजिटिव- आज का दिन पारिवारिक व आर्थिक दोनों दृष्टि से शुभ फलदाई है। व्यक्तिगत कार्यों में सफलता मिलने से मानसिक शांति अनुभव करेंगे। कठिन से कठिन कार्य को आप अपने दृढ़ विश्वास से पूरा करने की क्षमता रखे...

और पढ़ें