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पार्षद ने भ्रष्टाचार का लगाया था आरोप:पार्षद गर्ग ने सही कीमत लगाई 2251 रुपए, 2 बोर्ड लगाए, कौंसिल ने 2 घंटे के बाद उखाड़े

बरनाला2 दिन पहले
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नगर काैंसिल की तरफ से शहर में लगाए गए 465 साइन बोर्डों का मामला नगर काैंसिल दफ्तर से अब सड़क तक पहुंच गया है। नगर काैंसिल प्रशासन पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाने वाले आजाद पार्षद हेमराज गर्ग ने नगर काैंसिल द्वारा लगाए गए साइन बोर्ड जैसे दो बोर्ड शहर में लगाए। उन्होंने सारे खर्चे लगाकर कीमत 2251 रुपए दिखाई। एक बोर्ड उन्होंने सदर बाजार में रेलवे स्टेशन चौक पर और दूसरा नगर काैंसिल के दफ्तर के पास लगाया। वहीं दोनों बोर्डों को बिना मंजूरी के बोर्ड करार देते दो घंटे में ही नगर कौंसिल ने उखाड़ दिया।

नगर काैंसिल ने किस दुकान से यह सामान खरीदा जहां रेट 3 गुना से भी अधिक है : आजाद पार्षद

एक बोर्ड पर सारे खर्च मिलाकर कीमत 2251 लिखी, वहीं डीसी तेज प्रताप सिंह फूलका, एसडीएम बरनाला वरजीत सिंह वालिया, एडीसी विकास अमित बैंबी, नगर काैंसिल प्रधान गुरजीत सिंह, नगर काउंसिल के कार्य साधक अफसर मोहित शर्मा को निवेदन किया कि सरकारी खजाने की लूट होने से बचाएं।

नगर कौंसिल के प्रधान गुरजीत सिंह और वाइस प्रधान नरेंद्र गर्ग ने कहा कि इस मामले की तह तक जांच करवाई जाएगी। पार्षद हेमराज गर्ग द्वारा शहर में लगाए गए बोर्डों में सभी खर्चे मिलाकर कीमत लिखी गई है। इस बोर्ड पर 1400 रुपए की स्टील पाइप (बनाई खर्च सहित), 200 की फाइबर शीट, 200 प्रिंटर, 100 बोर्ड लगाने की लेबर व सीमेंट और बजरी का खर्च, 351 जीएसटी कुल मिलाकर 2251 उन्होंने कीमत बताई है। इतनी कीमत में बोर्ड लगाकर भी दुकानदार को अच्छे रुपए बच जाते हैं। फिर नगर काैंसिल ने कौन सी दुकान से यह सामान खरीदा जहां पर रेट 3 गुना से भी अधिक लगाया गया है।

सरकार सख्त एक्शन ले, नहीं तो कोर्ट की लेंगे शरण : संजीव शौरी

नगर काैंसिल के पूर्व प्रधान व अकाली नेता संजीव शौरी ने कहा कि इतना कुछ हो जाने के बाद भी न तो अभी तक किसी अधिकारी ने मुंह खोला है और न ही किसी बड़े कांग्रेसी नेता ने इस पर कोई बयान दिया है। अगर 48 घंटे के भीतर इस पर कोई एक्शन ना हुआ तो वह इंसाफ के लिए कोर्ट के दरवाजे पर दस्तक देंगे।

ईओ बोले-बिना मंजूरी के लगाए थे बोर्ड, इसलिए कौंसिल ने उतरवा दिए

पार्षद हेमराज गर्ग द्वारा नगर कौंसिल के रेट से कम रेट दर्शाते हुए बोर्ड लगाने के करीब 2 घंटे बाद ही बोर्ड नगर कौंसिल ने उखाड़ दिए। शहर में चर्चा है कि बोर्ड के रेट का सच सामने आने के बाद हो रही फजीहत से बचने के लिए यह काम किया गया। नगर कौंसिल के कार्य साधक अवसर अधिकारी मोहित शर्मा ने कहा कि पार्षद द्वारा बोर्ड अवैध तौर पर लगाए गए थे। इसकी मंजूरी नहीं थी। नगर कौंसिल द्वारा जो भी रेट निर्धारित किया गया है, नियमों के अनुसार किया गया है।

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