आयोजन:संघर्ष में जान गंवाने वाले किसानों की याद में दीये जलाकर मनाई दिवाली, ​​​​​​​दीये जलाकर किसानों ने दिवाली व बंदी छोड़ दिवस मनाया

बरनालाएक महीने पहले
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  • इस मौके पर नछत्तर सिंह, रणधीर सिंह, जसवंत कौर आदि हाजिर थे

किसानी संघर्ष में जान गंवाने वाले किसानों की याद में दीये जलाकर किसानों ने दिवाली व बंदी छोड़ दिवस मनाया। कृषि कानून के खिलाफ पिछले 400 दिन से चल रहे संघर्ष पर किसानों ने एलान किया कि जब तक कानून रद्द नहीं हो जाते तब तक यह संघर्ष जारी रहेगा। बड़ी संख्या में धरना स्थल रेलवे स्टेशन बरनाला पर पहुंचे किसानों और महिलाओं ने दीये व मोमबत्तियां जलाई और किसानी संघर्ष में जान गंवाने वाले किसानों को याद किया।

उन्होंने कहा कि 1 साल से अधिक समय संघर्ष हो गया है। लेकिन किसान अभी भी धरने पर बैठे हुए हैं। उन्होंने कहा कि किसानों की बातों को अगर नहीं माना गया तो यह संघर्ष इसी तरह से जारी रहेगा। इस मौके पर किसान नेता ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने कहा कि सरकार सभी किसानों के मामलों का हल करें। इससे कभी भी कोई समस्या पैदा नहीं होगी। किसान देश का सबसे बड़ा प्रोडक्शन हाउस है। अगर सरकार इसे सही तरीके से दिशा निर्देश दे तो पूरी दुनिया में किसान अपनी खेती के दम पर अपना लोहा मनवा सकते हैं। लेकिन सभी राजनीतिक पार्टियां अपने फायदे के लिए किसान शब्द का इस्तेमाल करती हैं। इस मौके पर नछत्तर सिंह, रणधीर सिंह, जसवंत कौर आदि हाजिर थे।

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