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निराश लौटे युवा, कहा:पोस्ट ग्रेजुएट, इंजीनियर, मास्टर डिग्री होल्डरों को इंश्योरेंस एजेंट और हेल्पर की नौकरी का ऑफर, सैलरी भी कम

बरनाला2 दिन पहले
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प्रदेश सरकार के हर घर रोजगार कार्यक्रम के तहत संघेड़ा के गुरु गोबिंद सिंह कॉलेज में जिला प्रशासन की तरफ से रोजगार मेला लगाया गया। मेले में जिला बरनाला के साथ जिला संगरूर और मानसा से भी युवा पहुंचे लेकिन ज्यादातर युवक-युवतियों को निराश ही लौटना पड़ा। नौकरी की तलाश में आए पोस्ट ग्रेजुएट, इंजीनियर, मास्टर डिग्री होल्डर युवक व युवतियों को ज्यादातर इंश्योरेंस एजेंट बनने, कमीशन एजेंट, हेल्पर आदि की जॉब के ऑफर दिए गए। मेले में आई कुछ कंपनियां अपनी सर्विसिज बेचने के लिए विद्यार्थियों को लगी रही। कैंप बुधवार को भी लगेगा।

कैंप का डीसी तेज प्रताप सिंह फूलका व एडीसी अमित बैंबी ने दौरा किया। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन की तरफ से ट्राइडेंट, आईओएल बरनाला, इंडस्ट्री चैंबर, एलआईसी, आईसीआईसीआई, स्टार हेल्थ, पुखराज, बंसल इंडस्ट्री आदि को बुलाया गया है। सभी अपनी जरूरत के हिसाब से रिक्रूटमेंट कर रहे हैं। इस मौके पर ट्राइडेंट और आईओएल की ओर से मौके पर 10 लोगों को ऑफर लेटर दिए जिनको डीसी तेज प्रताप सिंह

फूलका ने सौंपा। पहले दिन 20 कंपनियों ने हिस्सा लिया। इनमें से सिर्फ दो कंपनियों को ही मैनेजर, क्लर्क आदि की रिक्वायरमेंट थी। इसके अलावा सभी कंपनियों को वर्कर, हेल्पर, डिलीवरी ब्वॉय, इंश्योरेंस एजेंट, कमीशन एजेंट, सेल एजेंट आदि की जरूरत थी। बरनाला के गांव ठीकरीवाला से आई नवदीप, नाईवाल से आए गुरविंदर, संघेड़ा से आए हरमनजोत, बरनाला से आए अनुभव, मानसा से आए बलजीत ने कहा कि वह इंजीनियर, ग्रेजुएट हैं। हेल्पर, इंश्योरेंस एजेंट की पोस्ट के लिए ऐसे मेले लगाने की जरूरत नहीं है क्योंकि यह नौकरियां वैसे ही बाजार में उपलब्ध है। मेले में उनके हाथ निराशा लगी है।

नौकरी के साथ एक कंपनी बेच रही थी ऑनलाइन स्किल डेवेलपमेंट प्रोडक्ट, अधिकारियों ने रोका

जॉब फेयर में आई ड्यूसाफ्ट नामक कंपनी नौकरी देने के बूथ पर बैठी थी। उनके अधिकारी वहां आए हुए थे, वह विद्यार्थियों, युवक व युवतियों को ऑनलाइन स्किल डेवेलपमेंट प्रोडक्ट बेच रहे थे। इसकी कीमत 5 से 10 हजार थी। कंपनी के अधिकारियों का कहना था कि स्किल डेवलपमेंट करके वह उन्हें नौकरी लगवाने में भी हेल्प करेंगे। इस पर एडीसी अमित बैंबी ने कंपनी अधिकारियों को रोका और कहा कि अगर वह किसी को नौकरी दे सकते हैं तो इस कैंप इस मेले में हिस्सा ले नहीं तो यहां पर बूथ लगाने की जरूरत नहीं है।

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