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एमएसटी मशीन:एमएसटी मशीन कूड़े के डंप से अलग करेगी प्लास्टिक और मिट्टी

बरनाला24 दिन पहले
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हंडिआया रोड पर बने कूड़े के डंप पर से एमएसटी मशीन से प्लास्टिक और मिट्टी को अलग करके उसे उपयोग में लाया जाएगा। इससे गंदगी के लगे हुए बड़े-बड़े ढेर कम होंगे, साथ ही प्लास्टिक और मिट्टी को विभिन्न जगह पर बेचा जा सकेगा। जिससे नगर काैंसिल की आमदनी बढ़ेगी। मैकेनिकल सैपरेटेशन ट्ररोमिल (एमएसटी) मशीन से इस काम को जल्द ही शुरू किया जाएगा। कौंसिल की तरफ से यह मशीन प्रदेश सरकार द्वारा भेजे गए विशेष फंड से खरीद ली गई है।

अभी सिर्फ एक ही मशीन खरीदी गई है। आने वाले समय में और भी मशीनें खरीदी जाएंगी। इस पर युद्ध स्तर पर काम शुरू होगा। एडीसी अर्बन अमित बैंबी, नगर कौंसिल के प्रधान जगजीत सिंह ने बताया कि प्रदेश सरकार ने शहर के विकास के लिए फंड भेजे गए हैं। उसका हर स्तर पर लोगों की सहूलियत के लिए इस्तेमाल होगा।

उन्होंने बताया कि इस मशीन का सफल प्रशिक्षण पहले अन्य नगर काउंसिल में किया जा चुका है। यह मशीन 5x10 फीट की होती है। जिस जिस से बिजली की एक मोटर के जरिए चलाया जाता है या फिर ट्रैक्टर के इंजन से भी ऑपरेट किया जा सकता है। इस मशीन में एक तरफ कचरा डाला जाता है।

जिसमें मिट्टी और प्लास्टिक होता है। यह उसे उसे हिला देती है, जिससे प्लास्टिक व मिट्टी अलग-अलग हो जाती है। एक साइड प्लास्टिक का ढेर लगता है और दूसरी साइड मिट्टी का ढेर लगता है। कचरे में पड़ी हुई मिट्टी को खाद के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि बहुत ऐसी फैक्ट्रियां है जो लिफाफे को पिघलाकर प्लास्टिक के छोटे-छोटे पीस तैयार करती हैं, जिनसे प्लास्टिक के सामान बनते है। प्रदेश कांग्रेस के मीत प्रधान केवल सिंह ढिल्लों ने बताया कि करीब 5 मशीनें और नगर काैंसिल को दी जाएगी।

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