फैसला:बेरोजगार सांझा मोर्चा आजादी दिवस को काले दिवस के तौर पर मनाएगा

बरनाला3 महीने पहले
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बेरोजगार सांझा मोर्चा की प्रदेश स्तर की बैठक जिला बरनाला के तपा क्षेत्र में हुई। यहां पर साझे तौर पर यह फैसला लिया गया कि 15 अगस्त आजादी दिवस को काले दिवस के तौर पर मनाया जाएगा। प्रधान सुखविंदर सिंह ढिलवां ने कहा कि 15 अगस्त को पूरे देश में आजादी दिवस मनाया जाता है।

लेकिन वह इसे आजादी दिवस नहीं मानते। क्योंकि लोगों को उनके मूल अधिकार नहीं मिले। उन्होंने कहा कि आज अपने अधिकारों के लिए लोगों को लड़ना पड़ रहा है, जो ऊंची आवाज में अपने हक की बात करता है, उस पर देशद्रोह के पर्चे दर्ज किए जा रहे हैं।

बेरोजगार लगभग 1 साल से शिक्षा मंत्री के घर के आगे बैठे हैं और उन पर झूठे पर्चे दर्ज किए गए और कई बार लाठीचार्ज किया गया। इसलिए सभी ने सर्वसम्मति से मिलकर फैसला किया है कि 15 अगस्त को काले दिवस के तौर पर मनाया जाएगा। क्योंकि यह आजादी सिर्फ कारपोरेट घरानों की आजादी थी और सिर्फ नेताओं को ही कुर्सियां मिली थी। आम लोगों को इससे कोई फर्क नहीं पड़ा। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में प्रदेश के हर गांव में इसका एलान किया जाएगा कि सभी बेरोजगार इस दिवस को न मनाएं।

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