पंजाब की 'हॉट सीट' भदौड़ से रिपोर्ट:गांवों में बदलाव के करंट से AAP की हवा; शहरी गरीब कांग्रेस के हक में, CM होने से चन्नी हैवी, लेकिन मुकाबला कड़ा

भदौड़ (बरनाला)6 महीने पहले

पंजाब में SC रिजर्व भदौड़ विधानसभा क्षेत्र पिछड़ा माना जाता है। कुछ दिन पहले तक इस सीट पर किसी की खास दिलचस्पी नहीं थी। यह सीट सुर्खियों में तब आई, जब कांग्रेस ने CM चरणजीत चन्नी को चमकौर साहिब के साथ यहां से भी टिकट दे दी। कांग्रेस ने 69 सीटों वाले मालवा को साधने के लिए यह फैसला किया। हालांकि, CM चन्नी के उम्मीदवार बनते ही भदौड़ विधानसभा क्षेत्र हॉट सीट बन गई।

अब यहां 2 तरह कयास हैं। पहला... गांवों में लोग बदलाव चाहते हैं। इसके लिए वह सबसे बेहतर विकल्प आम आदमी पार्टी (AAP) को मानते हैं। यूं कह सकते हैं कि गांवों में आप का अंडर करंट हैं, लेकिन शहरों में लोग चन्नी के हक में हैं। वजह यह है कि वह CM हैं और आगमी CM का चेहरा भी। 111 दिन में बिजली बिल माफी का लाभ उन तक पहुंचा।

वहीं, चन्नी के मौजूदा और कांग्रेस के चुनाव जीतने पर उनके फिर CM बनने से लोग विकास की उम्मीद संजोए बैठे हैं, लेकिन उनको यहां से टिकट कटने से बागी हुए विधानसभा के डिप्टी स्पीकर अजैब सिंह भट्‌टी की पत्नी की भी चुनौती मिल रही है। कांग्रेस और आप के मुकाबले में अकाली दल के सतनाम राही तीसरे नंबर पर नजर आते हैं। भाजपा-कैप्टन गठबंधन इस सीट के तपा और भदौड़ कस्बे तक सीमित होकर रह गई है।

प्रचार में चन्नी का जोर, AAP के साधारण उम्मीदवार के प्रति सहानुभूति

आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार लाभ सिंह उगोके यहां के साधारण व्यक्ति हैं। वह 2 कमरों के मकान में रहते हैं। माता-पिता सामान्य जॉब करते हैं। उनका मुकाबला सीधे मुख्यमंत्री से है, इसको लेकर उन्हें लोगों की सहानुभूति भी मिल रही है। वहीं, भदौड़ विधानसभा सीट पर चुनाव प्रचार में CM चन्नी का जोर नजर आता है। दफ्तर खूब भरा नजर आता है। वहीं, शहरों में उनके हक में किराए के रिक्शा और ऑटो पर 'घर-घर विच चल्ली गल, चन्नी करदा मसले हल' की आवाजें खूब सुनाई देती हैं।

चन्नी के आने से बिगड़े समीकरण

भदौड़ सीट पर मुख्य मुकाबला आम आदमी पार्टी और अकाली दल-बसपा गठजोड़ के बीच था। लोगों को लगता था कि आप पार्टी छोड़ कांग्रेस में गए पिरमल सिंह को टिकट मिलेगी। लोग पिरमल के कामकाज से संतुष्ट नहीं थे और पार्टी बदलने से नाराज थे। ऐसे में कांग्रेस यहां मुकाबले में नजर नहीं आ रही थी। अंतिम समय में यहां चन्नी की एंट्री हो गई। इससे सारे समीकरण बिगड़ गए। अकाली दल मुकाबले से बाहर हो गया। CM के चेहरे की बदौलत कांग्रेस मुख्य मुकाबले में आ गई।

डेरा प्रेमी और अकाली का सियासी खेल बिगाड़ सकता है समीकरण

यहां डेरा प्रेमियों की करीब 20 हजार वोट है। अभी सब कांग्रेस और अकाली दल से नाराज हैं। फिलहाल वह AAP के हक में हैं। ऐसा हुआ तो कांग्रेस को बड़ा झटका लगेगा। हालांकि, अगर डेरे से किसी एक के हक में वोट डालने का फरमान आया तो उसे सब कबूल करेंगे। इससे सारे समीकरण बिगड़ सकते हैं।

भदौड़ की राजनीति को करीब से देखने वाले कहते हैं कि अकाली दल बड़ा सियासी खेल कर सकता है। फिलहाल अकाली मुकाबले से बाहर हैं। इसलिए वह AAP को रोकने के लिए चन्नी के पक्ष में वोटिंग करवा सकते हैं। चन्नी चमकौर और यहां से जीते तो भदौड़ छोड़ सकते हैं। ऐसे में उपचुनाव में अकाली दल फिर मुकाबले में आ जाएगा।

खबरें और भी हैं...