परेशानी:42 सरहदी गांवों के किसानों का 3 साल से लंबित है 10 करोड़ 2 लाख का मुआवजा

फाजिल्काएक महीने पहले
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  • तारबंदी के पार खेती करने वाले किसानों को 2018 से मुआवजा न मिलने पर रोष

फाजिल्का जिले के भारत-पाक सरहद पर तारबंदी के उस पार खेती करने वाले किसानों को पिछले 3 सालों से अपनी फसलों का मुआवजा नहीं मिला है। किसान फसलों के मुआवजे का इंतजार कर रहे हैं। जानकारी देते हुए सरहदी क्षेत्रों के किसानों ने बताया कि इस संबंधी उनके द्वारा केस भी किया जा चुका है और दो बार वह चंडीगढ़ भी जा चुके हैं, किंतु सरकार द्वारा अभी तक उनको मुआवजा राशि जारी नहीं की गई। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा मुआवजा दिए जाने की बात कही जा रही है, लेकिन उनको अभी तक कोई भी मुआवजा नहीं मिला है।

भारत-पाक सरहद पर पड़ते 42 गांवों की 3432 एकड़ जमीन तारबंदी के पार अंतरराष्ट्रीय सीमा पर पड़ती है। जिसका 3 वर्ष का 10 करोड़ 2 लाख 96 हजार मुआवजा बकाया है। सीमावर्ती गांवों के किसानों बलबीर सिंह, गुरदास सिंह, जोगिंदर सिंह, गुरदीप सिंह, बीर सिंह, मिठन सिंह, मंगल सिंह, काला सिंह आदि का कहना है कि 2018 के बाद उनको उनकी जमीनों का मुआवजा नहीं मिला है। गत वर्ष बारिश से हुए नुकसान के कारण फसलों का झाड़ भी पहले की उपेक्षा कम हुआ था। उन्होंने पंजाब व केंद्र सरकार से मांग की है कि उक्त मुआवजा राशि जल्द ही रिलीज करवाई जाए। इस मामले संबंधी डीसी बबिता कलेर से बात की गई तो उनका कहना था कि वह चैक करवाती हैं कि मुआवजे का काम कहां अटका हुआ है तथा वह कोशिश करेंगी कि जल्द मुआवजा राशि रिलीज हो।

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