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शपथ ग्रहण:14 वर्षों के बाद नप के कांग्रेसी अध्यक्ष की आज होगी ताजपोशी,अध्यक्ष पद की दौड़ में सुरिंदर कालड़ा सबसे आगे

फाजिल्का11 दिन पहले
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लगभग 10 वर्षों तक अकाली भाजपा के सत्ता में रहने के चलते 14 वर्ष के लंबे समय के बाद फाजिल्का नगर परिषद पर कांग्रेस का कब्जा हुआ है। 9 तारीक शुक्रवार को कैबिनेट मंत्री आकर अध्यक्ष पद का चयन करेंगे। 25 में से 19 पार्षद कांग्रेस के जीतने के कारण कांग्रेस में अध्यक्ष पद को लेकर घमासान चल रहा है, लेकिन इसके बावजूद वरिष्ठता के आधार पर 4 बार पार्षद बने सुरिंदर कालड़ा अध्यक्ष पद की दौड़ में सबसे आगे हैं। इसके अतिरिक्त सुरिंदर सचदेवा, गोल्डी झांब, पाल चंद वर्मा भी अध्यक्ष पद को लेकर अपने दांव-पेच खेल रहे हैं।

पार्टी द्वारा अनुशासन कायम रखने के लिए केबिनेट मंत्री शाम सुंदर अरोड़ा की ड्यूटी लगाई गई है। जो अध्यक्ष पद के चुनाव से पूर्व पार्षदों की राए जान कर उन्हें हाईकमान के फैसले से अवगत करवाएंगे।सुरिंदर कालड़ा को वरिष्ठता के साथ-साथ स्थानीय विधायक घुबाया का आर्शीवाद भी प्राप्त है।

इसके अतिरिक्त 19 में से 13 से 14 पार्षद कालड़ा पक्ष के बताए जा रहे हैं, जिस कारण कालड़ा अध्यक्ष पद की रेस में सबसे आगे बताए जा रहे हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार गत विधानसभा चुनावों के दौरान जब बहुत से कांग्रेसियों ने घुबाया का साथ नहीं दिया था तो इन दिनों में सुरिंदर कालड़ा एकमात्र ऐसे नेता थे जिन्होंने घुबाया के लिए दिन-रात एक कर घुबाया को िवधायक बनाने में अहम रोल अदा किया था।

नोटिफिकेशन जारी होने के बाद 14 दिनों में बुलाई जानी थी पार्षदों की बैठक

अशोक जैरथ ने कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा कि पंजाब सरकार की तरफ से कौंसलरों का नोटिफिकेशन 22 फरवरी को हुआ था और इस नोटिफिकेशन अनुसार 14 दिन में कौंसलरों की मीटिंग बुलाई जानी थी, परन्तु 45 दिन गुजर जाने के बाद कौंसलरों की मीटिंग बुलाई जा रही है। उन्होंने कहा कि पंजाब स्टेट इलेक्कशन काउंसलर एक्ट की धारा 71 के तहत गजट नोटिफिकेशन के बाद पंजाब म्यूजिकल प्रधान और वाइस प्रधान

इलेक्शन रूल्ज 1994 के रूल 3 (1) अनुसार जो कनवीनर नियुक्त किया जाता है कि 14 दिन में मीटिंग 48 घंटो का नोटिस देकर बुलानी जरूरी है, जिससे कानून मुताबिक शपथ ग्रहण करवाना और प्रधान और वाइस प्रधान का चयन करवाया जाए। उन्होंने बताया कि हाईकोर्ट में एक केस में फैसला हुआ था कि अगर रूल्ज मुताबिक चयन नहीं करवाया जाता तो यह संविधान का उल्लंघन है।

उस समय एडवोकेट जनरल ने राय भी दी थी कि इस लिए डिप्टी कमिशनर या उनकी तरफ से नियुक्त किया कनवीनर जिम्मेदार होगा। श्री जैरथ ने कहा कि कांग्रेस कौंसलरों द्वारा पहली मीटिंग ही संविधान के उलट करवाई जा रही है तो उन को शहर के विकास की उम्मीद नहीं की जा सकती।

अशोक जैरथ बने भाजपा दल के नेता
भारतीय जनता पार्टी के नए चुने गए नगर कौंसलरों की एक मीटिंग हुई, जिसमें 4 बार काउंसलर चुने जा चुके अशोक जैरथ को नगर कौंसिल में भाजपा दल का नेता चुन लिया गया है। नए चुने भाजपा दल के नेता अशोक जैरथ ने बताया कि वह नगर कौंसिल में शहर के विकास के लिए नगर कौंसलरों की मीटिंगों में सार्थिक भूमिका निभाई जाएगी। उन्होंने कहा कि शहर के विकास के लिए पार्टीबाजी से उपर उठ कर काम करेंगे।

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