नई शिक्षा नीति का विरोध:सेकेंडरी स्कूलों में प्री-नर्सरी से कक्षाएं शुरू करने का फैसला रद्द हो

फाजिल्का6 महीने पहले
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  • साझा अध्यापक मोर्चा पंजाब ने डीसी ऑफिस के बाहर किया प्रदर्शन, अध्यापकों ने शिक्षा मंत्री से की मांग

साझा अध्यापक मोर्चा पंजाब ने नई शिक्षा नीति के तहत प्री-नर्सरी से 12वीं क्लास को सीनियर सेकेंडरी स्कूल में चलाकर कांप्लेक्स स्कूल का एजेंडा लागू करने को शिक्षा विभाग के आकार में कमी, प्राइमरी शिक्षा तंत्र के खात्मे की साजिश करार दिया है। जिला स्तरीय धरने में साझा मोर्चा के नेताओं के नेतृत्व में शिक्षा मंत्री को मांगपत्र भेजकर इन फैसलों पर रोक लगाने और बातचीत की लोकतांत्रिक प्रक्रिया के जरिए सभी मसले हल करने की पुरजोर मांग की गई। ऐसा न होने की सूरत में संघर्ष तेज करने का एलान किया गया।

साझा अध्यापक मोर्चा के जिला नेता भगवंत भठेजा, परमजीत सिंह शोरेवाला, सुरिंदर कंबोज, महिंदर कुमार, अमनदीप सिंह, परमजीत सिंह, कुलदीप सबरवाल, रिशु सेठी मेजर सिंह, मनदीप थिंद ने बताया कि पंजाब सरकार द्वारा प्राइमरी, मिडल और हाई स्कूलों को चुनिंदा सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में मर्ज करके जनतक शिक्षा और रोजगार के अवसर खत्म किए जा रहे हैं, जिसको बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने अध्यापकों और बुद्धिमान लोगों को मोदी सरकार की शिक्षा नीति के विरोधी प्रभावों से सुचेत रहने और साझा अध्यापक मोर्चा के बैनर के नीचे 1 जून को संगरूर शहर में प्रांतीय धरने में योगदान करने को कहा।

नेताओं ने कहा कि प्राइमरी सहित सभी बदलियों को बिना शर्त लागू किया जाए और तीसरा राउंड भी जल्द शुरू किया जाए। स्कूलों में खाली पदों पर भर्ती की जाए। मिडल स्कूलों के स्वतंत्र अस्तित्व और पद खत्म करने का फैसला वापस लिया जाए, अध्यापकों की विक्टीमाइजेशन तुरंत रद्द की जाए। अध्यापक नेता कुलबीर सिंह, रत्न सिंह, निशांत कुमार, विनय कुमार, राजीव कुमार, राकेश सिंह, नौरंग लाल, दविंदर बराड़, प्रेम सिंह अर्पित ने कहा कि सभी काडर प्राइमरी समेत की पेडिंग प्रोमोशनों के लिए 75 प्रतिशत कोटा बहाल रखते तुरंत की जाए।

बीपीईओ दफ्तरों में शिफ्ट किए 228 पीटीआई अध्यापक मिडल स्कूल में वापस भेजे जाएं और प्राइमरी हेड टीचर्स की खत्म की 1904 पोस्टें बहाल की जाए। कोरोना की आड़ में ऑनलाइन शिक्षा को असली स्कूली शिक्षा के बदलाव के तौर पर थोपना बंद करके, समीपता से बचाव के लिए निर्धारित प्रबंधों के अंतर्गत सभी क्लासों के लिए स्कूल खोले जाएं। कोविड पीड़ित अध्यापकों के लिए 30 दिनों की वेतन सहित छुट्टी देने संबंधी पत्र जारी करने की मांग भी की गई। इसके अलावा मांग की गई कि सभी कच्चे अध्यापकों, ओडीएल अध्यापकों, नान टीचिंग मुलाजिमों को विभाग में रेगुलर किया जाए।

पिकटस सोसायटी अधीन रेगुलर कंप्यूटर अध्यापकों को शिक्षा विभाग में मर्ज किया जाए। ग्रह जिलों से बाहर भर्ती और तरक्की लेने वाले सभी कैटेगरियों के अध्यापकों को बदली प्रक्रिया दौरान पक्की रिहायश से स्टेशन की दूरी अनुसार अंकों की वेटेज दी जाए। छटे पंजाब वेतन कमीशन की रिपोर्ट और डीए की किस्तें जारी करने और 1 जनवरी 2004 से लागू नई पेंशन स्कीम रद्द करके पुरानी पेंशन स्कीम बहाल करने की मांग भी की गई। इस मौके पर सुभाष कटारिया, नैब सिंह, विजय नरूला शामिल थे।

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