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मार्गदर्शन:गौतम राय दूसरों के लिए बने मार्गदर्शन डेयरी चला व सूअर पाल कमा रहे मुनाफा

फाजिल्का8 महीने पहले
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  • धान की पराली खेत में जोतने वाले गांव कौडियां वासी बना सफल किसान

आगे बढ़े किसान गौतम राय घोड़ेला पुत्र दीवान चंद घोड़ेला निवासी गांव कौडियां वाली तहसील व जिला फाजिल्का का रहने वाला है जोकि और किसानों के लिए मार्गदर्शन बना हुआ है। यह किसान पिछले 30-35 सालों से कृषि कर रहा है और पिछले 7-8 साल से अपनी फसल के अवशेष को कभी भी इसने आग नहीं लगाई और शुरुआती 2 सालों में पराली की गांठें भी बनवाईं थी, जबकि अब यह अपनी पराली की अवशेष को गुज्जर भाईचारे या गऊओं वालों को उठवा देते हैं और अपनी जमीन को डिस्क हैरो के साथ अच्छी तरह जमीन को जोत कर रोटावेटर करके गेहूं की बिजाई कर देते हैं।

अपने गांव से ही अपनी प्राइमरी शिक्षा प्राप्त करके गौतम राय घोड़ेला ने अपने पिता के कदमों पर चलते कृषि में रूचि दिखानी शुरू की थी। यह अपने खेत में यूनिवर्सिटी द्वारा सिफारिश खादों की मात्रा और दवाइयों की मात्रा से भी कम इस्तेमाल करते हैं। पहले वह अपने खेत 3-4 गट्टे युरिया का इस्तेमाल करते थे परन्तु जबसे फसल की अवशेष को जमीन में मिलाना शुरू किया है, इनकी खाद का इस्तेमाल कम कर आधी रह गई है और फसल का झाड़ भी पहली की तरह फसल बराबर या उस से अधिक मिल रहा है।

गौतम राय घोड़ेला का कहना है कि फसल में कम खाद और कम दवाइयों के इस्तेमाल होने से फसल आम जमींदारों से महंगे भाव और मंडी में पहल के आधार पर बिकती है और कुछ लोग इनसे फसल के उत्पाद की खरीद खेत में ही निजी तौर पर कर लेते हैं।

यह अपने धान में पिछले 7 साल से कुछ हानिकारक जहर जैसे कि पदान, मोनो, कलोरो या फोरेट दवा का इस्तेमाल नहीं करते और इनकी फसल मंडी में ऊंचे भाव पर बिकती है। यह कृषि के साथ-साथ कुछ सहायक धंधे भी अपनाते हैं। जैसे कि डेयरी फार्म और सूअर फार्म का काम बतौर सहायक धंधे अपनाया हुआ है। जिसमें इनको अच्छी आमदन प्राप्त होती है और कृषि के बराबर सहायक धंधों का लाभ ले रहे हैं।

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