रिटेल दुकानदार परेशान:ऑक्सीफ्लोमीटर, ऑक्सीमीटर, थर्मामीटर व ग्लव्स के खुदरा रेट में भारी वृद्धि

फाजिल्का6 महीने पहलेलेखक: संजीव झांब
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  • अप्रैल में कोरोना के मामलों में आई तेजी के बाद मेडिकल इक्विपमेंट की डिमांड बढ़ी

फाजिल्का जिले में बीते दो सप्ताह से ऑक्सीफ्लोमीटर, ऑक्सीमीटर, थर्मामीटर व ग्लव्स के मूल्यों में हुई भारी बढ़ोतरी से रिटेल दुकानदारों व आम उपभोक्ताओं के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है। इसका मुख्य कारण जिले में निरंतर बढ़ रहे कोरोना के नए मामले हैं। अप्रैल माह से कोरोना के निरंतर मामलों में आई तेजी के बाद उक्त सब चीजों की मांग बढ़ गई है।

एक सप्ताह पूर्व स्वास्थ्य विभाग द्वारा कोरोना के रोगियों को दी जा रही फतेह किट में जरूरी दवाओं के साथ-साथ ऑक्सीमीटर भी दिया जा रहा था मगर पिछले एक सप्ताह से फतेह किट के साथ ऑक्सीमीटर नहीं दिया जा रहा था, जिस कारण लोग बाजार से ऑक्सीमीटर खरीद रहे हैं। इस कारण बाजार में एकदम ऑक्सीमीटर की मांग बढ़ गई है।

ऑक्सीफ्लोमीटर की दिल्ली में कमी, 7 गुना दाम बढ़े

500 से 600 रुपए में मिलने वाला ऑक्सीफ्लोमीटर अब 3500 रुपए में भी नहीं मिल रहा है क्योंकि दिल्ली में स्टाॅक की कमी है। 300 रुपए में मिलने वाला ऑक्सीमीटर 1300 रुपए, 150 से 200 रुपए प्रति पैकेट साधारण ग्लब्स अब 600 रुपए और 200-300 रुपए प्रति पैकेट नाइट्रो ग्लव्स 1200 से 1300 रुपए हो गया हैं। 80 रुपए का डिजिटल थर्मामीटर 110 से 120 रुपए तक पहुंच गया है।

दिल्ली से महंगे दाम पर मंगवाना पड़ रहा माल

प्रताप सर्जिकल के संचालक महिंदर सचदेवा का कहना है कि वह खुद एकदम बढ़े रेटों को लेकर परेशान हैं क्योंकि पीछे से दिल्ली में संबंधित दुकानदारों के पास सामान की काफी कमी है। जिस कारण उन्हें भी महंगे दाम पर माल मंगवाना पड़ रहा है।

कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई की जाएगी

सिविल सर्जन डाॅ. हरजिंदर सिंह ने कहा कि यह मामला उनके ध्यान में आ गया है। विभाग द्वारा कालाबाजारी करने वालों पर पैनी नजर रखी जा रही है। कोई भी व्यक्ति स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर कालाबाजारी करते पाया गया तो उस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

सांस की दिक्कत होने पर अस्पताल में चैक करवाएं

सोशल वेलफेयर सोसायटी के अध्यक्ष शशिकांत का कहना है कि लोगों को अफवाहों से बचना चाहिए क्योंकि शहर के सभी मुख्य अस्पतालों में ऑक्सीमीटर उपलब्ध हैं। अगर किसी रोगी को सांस लेने में तकलीफ होती है तो वह अस्पताल में जाकर अपना आक्सीजन लेवल चैक करवा सकते हैं। उनका कहना है कि मार्केट में अफवाहों के चलते अचानक हर व्यक्ति ऑक्सीमीटर खरीदकर रखना चाहता है जिस कारण ऑक्सीमीटर की डिमांड बढ़ी हुई है। शशिकांत के अनुसार उक्त महामारी के फैलाव के चलते लोगों को धैर्य से काम लेना चाहिए तथा कोरोना के खात्मे तक हमें एक दूसरे का सहयोग करके इसका मुकाबला करना होगा।

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