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बेखौफ माफिया:आरोप-राजनीतिक शह पर रेत माफिया ने की अवैध खुदाई, जिसके कारण हुई तबाही

फाजिल्का4 दिन पहलेलेखक: संजीव झांव/संदीप कक्कड़
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म्याणी बस्ती गांव में 3 एकड़ में फसल के साथ-साथ 15 फुट तक मिटटी खिसकी - Dainik Bhaskar
म्याणी बस्ती गांव में 3 एकड़ में फसल के साथ-साथ 15 फुट तक मिटटी खिसकी
  • अवैध माइनिंग बनी सीमावर्ती क्षेत्रों में बारिश से तबाही का कारण

राजनेताओं की शह पर होने वाली अवैध माइनिंग के चलते फाजिल्का के आसपास व सीमावर्ती क्षेत्रों में 3 दिन तक हुई बारिश तबाही का कारण बनी, जिसके चलते दर्जनों घरों के सैकडों लोगों बेघर हाे गए। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन व रेत माफिया की आपसी मिलीभगत के चलते रेत माफिया तय मापदंडों से अधिक 20 से 25 फुट तक खुदाई कर देते हैं, जिस कारण फाजिल्का के निकटवर्ती व भारत-पाक सीमा के समीप बसे गांवों में बड़े-बड़े खदान जहां एक ओर आम लोगों के लिए मुसीबत बन गए हैं। वहीं दूसरी ओर सुरक्षा की दृष्टि से भी काफी खतरनाक साबित हो सकते हैं। फाजिल्का के निकटवर्ती व सीमावर्ती गांवों बाधा, नवा सलेमशाह, मौजम, म्याणी बस्ती, वल्ले शाह हिठाड़, कावांवाली, नवा हस्ता, सलेमशाह इत्यादि गांवों के ग्रामीणों कुलवंत सिंह, बलजीत सिंह, दीप, सुखचैन, रीकू रानी ने बताया कि रेत माफिया द्वारा सेमनाले के आसपास रेत निकाली जाती है। जिस कारण जमीन आसपास की जमीनों से नीची हो जाती है और सेमनाले के किनारे कमजोर हो जाते हैं, जिस कारण गत दिनों आई बारिश में पानी

का बहाव इन नीचले रास्तों पर होकर तबाही मचा गया।ग्रामीणों के अनुसार राजनीतिक शह पर रेत माफिया देश की सुरक्षा के साथ भी खिलवाड़ कर रहे है, क्योंकि रेत माफिया द्वारा भारत-पाक सीमा के समीप इतने बड़े गहरे गड्ढे बना दिए हैं कि अगर देश के सुरक्षा बलों को दुश्मनों को खदेड़ने हेतु उक्त क्षेत्र में टैंक उतारने पड़ें तो उनके लिए एक बड़ी चुनौती होगी। माफिया बेखौफ होकर देश की सुरक्षा से खिलवाड़ कर रहा है। .

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