रोष / कृषि अध्यादेश व अन्य किसान विरोधी फैसले रद्द करवाने के लिए भाकियू ने डीसी दफ्तर में दिया धरना

धरने को संबोधित करते किसान नेता।-भास्कर धरने को संबोधित करते किसान नेता।-भास्कर
X
धरने को संबोधित करते किसान नेता।-भास्करधरने को संबोधित करते किसान नेता।-भास्कर

  • मांग- सरकार के किसान विरोधी फैसले जल्द से जल्द रद्द किए जाएं

दैनिक भास्कर

Jul 01, 2020, 04:00 AM IST

मुक्तसर. खेती आर्डिनेंस व अन्य किसान मारु फैसले रद्द करवाने के लिए भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां द्वारा मंगलवार को जिलाध्यक्ष पूर्ण सिंह दोदा की अध्यक्षता में डीसी कार्यालय मुक्तसर के समक्ष पंजाब व केन्द्र सरकार के विरुद्ध धरना देते हुए जमकर नारेबाजी की। इस समय जिलाध्यक्ष पूर्ण सिंह दोदा, महासचिव गुरभगत सिंह भलाईआना ने बताया कि कोरोना वायरस बारे सावधानियों की पालना करने पंजाब भर में रोष प्रदर्शन किए जा रहे हैं। 

उन्होंने आरोप लगाया कि कोरोना महामारी रोकने के लिए गांव-गांव में जरूरी स्वास्थ्य प्रबंध की अपनी जिम्मेवारी को तो मोदी सरकार ने अनदेखा किया ही व गरीबों का प्राथमिक हक भी छीना है। नेताओं ने कहा कि 5 जून के तीन खेती आर्डिनेंसों द्वारा एक देश एक मंडी के नारे में सरकारी मंडीकरण सिस्टम को तोडकर फसलों की खरीद देसी विदेशी, निजी कंपनियों व बड़े व्यापारियों पर छोड़ने व गरीब खपतकारों को भूखमरी से बचाने वाली सार्वजनिक वितरण प्रणाली के खात्मे के अलावा बिजली मोटर बिल 2020 द्वारा समूचा बिजली ढांचा केंद्र अधीन लेकर निजी कंपनियों को सौंपना व किसानों मजदूरों की सब्सिडियों का खात्मा भी कर दिया है।

किसान नेताओं ने मांग की कि सरकार द्वारा लिए किसान मारु फैसले जल्द से जल्द रद्द किए जाएं। वक्ताओं ने कहा कि जायज मांगों को नजर अंदाज किया तो संघर्ष को ओर तेज किया जाएगा। इस अवसर पर मुक्तसर ब्लाक के महा सचिव सुखराज सिंह रहूडियांवाली, हरफूल सिंह भागसर, जसवीर सिंह, अजायब सिंह, जोगिन्द्र सिंह, वकी सिंह, जगराज सिंह, बिक्कर सिंह आदि उपस्थित थे।

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना