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समस्या:अस्पताल में रोज 35 से 50 मरीज आ रहे मानसिक रोगी

फाजिल्का2 महीने पहले
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  • कोरोना के कारण अकेलेपन से बढ़े मानसिक रोगी, बच्चे भी हो रहे इसका शिकार : डॉ. सिद्धार्थ कलूचा

फाजिल्का में कोरोना काल के दौरान मानसिक रोगियों की संख्या बढ़ी है तथा 25 से 30 प्रतिशत लोग इस बीमारी का शिकार हो चुके हैं, उक्त जानकारी फाजिल्का के सिविल अस्पताल के मानसिक रोग विशेषज्ञ डाॅ. सिद्धार्थ कलूचा द्वारा दी गई। उन्होंने बताया कि जिले में लगातार मानसिक रोगी बढ़ रहे हैं, जिसका जिम्मेदार अकेलापन है।

उन्होंने बताया कि पुरुषों, महिलाओं के साथ बच्चों में भी बीमारी लगातार बढ़ती जा रही है जोकि चिंता की बात है। डाॅ. कलूचा ने बताया कि कोविड के चलते जिला अस्पताल में लोग एग्जाइटी डिसार्डर, स्ट्रैस डिप्रैशन, पैनिक डिसार्डर व इनसोमनिया (नींद न आना) बीमारियों के शिकार हो रहे हैं।

कोरोना काल से पहले उक्त बीमारियों के 25 से 35 मरीज प्रतिदिन आते थे लेकिन अब 35 से 50 मरीज इन रोगों से पीड़ित प्रतिदिन उपचार करवाने आते हैं। उन्होंने बताया कि वैसे तो यह स्ट्रैस अधिक खतरनाक नहीं है, किंतु जब इस स्ट्रैस से अपने रोजमर्रा के काम प्रभावित होने लगें तो यह खतरनाक हो सकती है।

डाॅ. कलूचा ने बताया कि कोरोना काल में 25 से 30 प्रतिशत बच्चों, बूढ़ों, महिलाओं व नौजवानों को इस बात का स्ट्रैस हो जाता था कि कहीं उनको कोविड तो नहीं है या कहीं वह कोविड पॉजीटिव तो नहीं हो जाएंगे। कोरोना काल से पहले महिलाएं व बच्चे किसी अन्य के घर चले जाते थे, लेकिन अब वह नहीं जाते हैं क्योंकि उनको डर लगता है कि कहीं वह कोरोना पॉजीटिव न हो जाएं। जिस कारण वह अकेले रहने लगते हैं तथा अकेलेपन में हमेशा स्ट्रैस बढ़ता है।

वहीं दूसरी ओर कोविड के चलते स्कूल काॅलेज नहीं चल रहे, वह घर से बाहर जाना चाहते हैं तथा बाहर जाकर खेलना चाहते हैं, लेकिन एसा नहीं हो पा रहा और स्ट्रैस के शिकार हो रहे हैं। पिछले 3-4 महीनों में उनके पास छोटे बच्चे भी मानसिक रोग से पीड़ित आए हैं।

हफ्ते में 4 दिन सेवाएं दे रहे मानसिक रोगों के विशेषज्ञ
यदि किसी को ऐसा लगता है कि उनको कोविड के कारण डर लगता है या मानसिक तनाव होता है तो जिला अस्पताल फाजिल्का में डाॅ. सिद्धार्थ कलूचा के पास पहुंचे। उक्त बीमारियों के इलाज के लिए वह मंगलवार, बुधवार, वीरवार व शुक्रवार वह सिविल अस्पताल फाजिल्का में अपनी सेवाएं देते हैं। पहले रोगियों की उनके पास कौंसिलिंग की जाएगी और उसके बाद उनको आवश्यक दवाई भी उपलब्ध करवाई जाएगी।

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