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रोष:6वें पे-कमीशन के विरोध में सड़कों पर उतरे प्रिंसिपल, नोटिफिकेशन की कॉपियां जलाईं

फाजिल्का6 दिन पहले
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फाजिल्का के प्रिंसिपलों की सभी जत्थेबंदियां पे-कमिशन के खिलाफ सड़कों पर उतरीं और पे कमिशन के खिलाफ रोष प्रकट किया। जानकारी देते हुए जत्थेबंदी के वक्ता हंस राज ने बताया कि पूरे पंजाब के डिप्टी कमिश्नरों को मांगपत्र देकर प्रिंसिपलों के साथ की गई धक्केशाही पंजाब सरकार तक पहुंचाने का यत्न किया गया।

उन्होंने बताया कि पंजाब के शिक्षा ढांचे को योग्य नेतृत्व देकर नंबर एक पर पहुंचाया है, परन्तु पे कमिशन द्वारा यूपी बिहार से भी कम वेतन देकर उनके साथ बड़ी बेइंसाफी की गई। छठे वेतन कमिशन द्वारा 2011 में प्रिंसिपलों के वेतन में हुई क्लेरिकल मिस्टेक को ठीक न किए जाने के चलते प्रिंसिपलों में निराशा पाई जा रही है।

2011 में 5वें वेतन कमिशन की रिपोर्ट में एक क्लेरिकल मिस्टेक होने से इस काडर के वेतन की फिक्सेशन में बड़ी अनामली हो गई थी। प्रिंसिपलों द्वारा वेतन कमिशन के पास अपना पक्ष रखा था परंतु वेतन कमिशन ने अपनी रिपोर्ट में इस बात का जिक्र नहीं किया। इस कारण प्रिंसिपल खफा हैं।

इसके अलावा 17 अप्रैल 2000 के अनुसार उन अधिकारियों कर्मचारियों को जो 31.12.1995 को एंट्री स्केल 2200-4000 में भर्ती हुए थे, को डायनामिक कैरियर प्रोगैशन स्कीम में रखा गया था। प्रिंसिपलों को 2400-4000 के स्केल पर होते हुए भी शामिल न करके शिक्षा विभाग के साथ ज्यादती की है। छठे वेतन कमिशन द्वारा 15600-39100 को मलटीपलायर फैक्टर 2.67 तजवीज किया गया है परंतु सरकार द्वारा जारी नोटीफिकेशन फैक्टर 2.59 दिया गया है। उनकी मांग है कि मलटीपलायर फैक्टर 3.00 लागू किया जाए। प्रिंसिपलों द्वारा फैसला लिया गया कि हाल की घड़ी में पे कमिशन के लिए आपशन नहीं देंगे। आज समूह प्रिंसीपलों ने ब्रिज मोहन बेदी, मनोज कुमार शर्मा और कनवीनर शंकर चौधरी के नेतृत्व में डिप्टी कमिश्नर दफ्तर सामने पे कमिशन रिपोर्ट की कापियां जलाई और डिप्टी कमिशनर को मांग पत्र दिया।

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