लापरवाही / बाढ़ के दिनों में अधिकारियों ने बांध की मरम्मत जल्द कराने का दिया था आश्वासन,10 माह बाद भी कोई देखने तक नहीं आया

बीते वर्ष मिट्‌टी से भरे गट्‌टे लगाकर रोका गया था बांध का कटाव। बीते वर्ष मिट्‌टी से भरे गट्‌टे लगाकर रोका गया था बांध का कटाव।
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बीते वर्ष मिट्‌टी से भरे गट्‌टे लगाकर रोका गया था बांध का कटाव।बीते वर्ष मिट्‌टी से भरे गट्‌टे लगाकर रोका गया था बांध का कटाव।

  • सतलुज दरिया में 6000 क्यूसिक बढ़ा पानी
  • धुस्सी बांध की मरम्मत न होने से 15 गांवों के लोगों में रोष
  • बीते वर्ष धुस्सी बांध को टूटने से बचाने के लिए बनाया गया था आरजी बांध
  • आम दिनों में दरिया में 14000 क्यूसिक पानी रहता है, लेकिन 20 मई को 20862 क्यूसिक पहुंच गया था जलस्तर

दैनिक भास्कर

May 24, 2020, 05:00 AM IST

फिरोजपुर. (कपिल सेठी)
पहाड़ी इलाकों में हाे रही बारिश के चलते हिंद-पाक सीमा से सटे सतलुज दरिया में जलस्तर बढ़ने से आसपास के गांवों के लोगों की धड़कने बढ़ने लगी हैं। इसका बड़ा कारण है बीते कई वर्षों से धुस्सी बांध की मरम्मत न होना। धुस्सी बांध में जगह-जगह दरारे आने से व बनाई गई नोचों से तेज बहाव के कारण पत्थरों के पानी में बह जाने के कारण लोगों में बांध के टूटने का खतरा मंडराने लगा है।

बीते वर्ष सतलुज दरिया में जलस्तर बढ़ने से जहां बॉर्डर एरिया के गांव टेंडीवाला के समीप धुस्सी बांध टूटने की कगार पर पहुंच गया था मगर किसी तरह ग्रामीणों ने कड़ी मशक्त कर बांध को टूटने से बचाया था। उस समय प्रशासन की ओर से जल्द बांध की मरम्मत का कार्य व नई नोचों का निर्माण करने का आश्वासन दिया गया था लेकिन जलस्तर डाउन होने के बाद से इरिगेशन विभाग का कोई भी अधिकारी वहां जायजा लेने तक नहीं गया। बीते करीब एक सप्ताह से दरिया में जलस्तर बढ़ने से ग्रामीणों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है तो वहीं उन्हें अभी से ही डर सताने लगा है।
इसी को लेकर जब बॉर्डर एरिया के गांव टेंडीवाला में धुस्सी बांध पर जाकर देखा तो पाया कि बीते वर्ष बाढ़ के दिनों में जिस प्रकार बांध काे ग्रामीणों ने कड़ी मेहनत कर उसे टूटने से बचाने के लिए गट्‌टे लगाकर रोका था वह काम वहीं पड़ा है उसके बाद वहां पर एक भी मिट्‌टी की ट्राली तक नहीं डाली गई है। दरिया में 4 दिन पहले एकाएक जलस्तर 20 हजार क्यूसिक से अधिक होने पर तेज बहाव के कारण बांध में कई जगहों पर कटाव हुआ है और नोचाें में तेज बहाव के कारण कटाव हो गया है।

यूं बढ़ा दरिया में जलस्तर

आम दिनों में दरिया में 12 हजार से 14 हजार क्यूसिक पानी बहता है मगर 16 मई की बात करें तो जलस्तर एकाएक 2 हजार क्यूसिक बढ़कर 16974 हो गया है इसके बाद 18 को 18304, 19 को 19616, 20 तो 20862 हो गया जिसके चलते दरिया में बहाव तेज हो गया। इसके बाद 21 मई को भी जलस्तर 20 हजार के पार रहा तो इसके बाद धीरे-धीरे कम होने लगा जिसके चलते 22 को जलस्तर कम होकर 19619 तो 23 को ओर कम होकर जलस्तर 15720 हो गया है।

ग्रामीण डरें नहीं, जल्द कराई जाएगी बांध की मरम्मत : डीसी

इस बारे में जब डीसी कुलवंत सिंह से बात की गई तो उन्होंने कहा कि धूसी बांध को मजबूत करने के लिए प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में जहां से सतलुज दरिया होकर बहता है के लिए सरकार को प्रपोजल बनाकर भेजा जा चुका है। सरकार की ओर से मंजूरी मिलते ही बांध की मजबूती व नोचें बनाने का कार्य शुरू किया जाएगा। वहीं उन्होंने अपील करते हुए कहा कि बीते वर्षों में देखा गया है कि दरिया में डेढ़ लाख क्यूसिक तक पानी बहने पर बांध में कटाव की स्थिति बनती है इसलिए दरिया किनारे बसे गांवों के लोगाें को घबराने की जरूरत नहीं है। बांध की मजबूती के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं।

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