पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

डेंगू अपडेट:डेंगू के डंक से बचाएगी गंबूजिया फिश, सेहत विभाग ने सिविल अस्पताल में बनाई हैचरी

फिरोजपुरएक महीने पहलेलेखक: कपिल सेठी
  • कॉपी लिंक
डेंगू से बचाव को लेकर जमा पानी में ईंजन में इस्तेमाल किया गया तेल डालता कर्मी। - Dainik Bhaskar
डेंगू से बचाव को लेकर जमा पानी में ईंजन में इस्तेमाल किया गया तेल डालता कर्मी।
  • डेंगू का पहला मामला आया सामने, 15 वर्षीय युवती अस्पताल में भर्ती

वैश्विक महामारी काेराेना वायरस का प्रभाव कुछ कम होते ही अब जिले में डेंगू ने भी अपना डंक मारना शुरू कर दिया है। जिले में 15 वर्षीय युवती को डेंगू ने अपना पहला मरीज बनाया है। इस कारण अब सेहत विभाग ने जिले को डेंगू के डंक से बचाने के लिए कमर कस ली है। 10 लाख से अधिक आबादी को डेंगू के डंक से बचाव के लिए सेहत विभाग के कर्मी व अधिकारी इससे निपटने में जुट गए हैं।

वहीं बीते वर्षों की बात करें तो जिले में करीब 550 डेंगू के केस सामने आए थे मगर इस बार विभाग की ओर से सीजन की शुरुआत से पूर्व ही इसे लेकर तैयारियां शुरू कर दी थी जिसके चलते विभाग का लक्ष्य है कि इस बार जिले में कम से कम डेंगू के केस सामने आएं। जिले में इस सीजन का सबसे पहला डेंगू का केस बुधवार को रिपोर्ट हुआ है। शहर की बस्ती निजामद्दीन में एक 15 वर्षीय युवती डेंगू पॉजिटिव पाई गई है, जिसका सरकारी अस्पताल में इलाज चल रहा है।

ब्लॉक लेवल पर काम शुरू, जिले की 10 लाख आबादी के लिए प्लान तैयार

नोडल अफसर तैनात
डेंगू से बचाव को लेकर विशेष तौर पर नोडल अफसर हरविंद्र कौर की तैनाती की है। एपिडेमोलॉजिस्ट अधिकारी डॉ. युवराज ने बताया कि कैंप लगाकर विभाग द्वारा जागरूकता सामग्री भी वितरित की जा रही है। वहीं,सीएमओ डॉ. राजिंदर राज ने लोगों को प्रत्येक शुक्रवार ड्राई डे मनाने के बारे में सलाह दी।

वर्कशॉप सहित अन्य स्थानों पर की जा रही चेकिंग
कूलरों, गमलों, फ्रिजों की ट्रे व पानी के अन्य बर्तनों को सप्ताह के प्रत्येक शुक्रवार को साफ कर सूखा रखा जाए। विभाग की टीम की ओर से प्रत्येक शुक्रवार को सरकारी दफ्तरों, सार्वजनिक स्थानों, बस स्टैंड की वर्कशॉप सहित अन्य स्थानों पर जाकर विशेष तौर पर चेकिंग की जा रही है। जिला एपिडेमोलॉजिस्ट अधिकारी डॉ. युवराज ने बताया कि सिविल अस्पताल फिरोजपुर में प्रत्येक मंगलवार व शुक्रवार को डेंगू का एलाइजा टेस्ट बिल्कुल निशुल्क होता है। उन्होंने बताया कि डेंगू का मच्छर ज्यादातर दिन के समय में काटता है, इसलिए इससे बचाव के लिए शरीर को पूरी तरह ढककर रखें ।

छप्पड़ों में छोड़ी जा रही हैं गंबूजिया मछलियां
जिलावासियों को डेंगू के डंक से बचाने के लिए सेहत विभाग की ओर सिविल अस्पताल में एक तालाब में गंबूजिया फिश तैयार की गई है। गंबूजिया फिश डेंगू के लारवा को खा जाती है, इसलिए इसे प्रत्येक गांव के छप्पड़ में छोड़ने का प्लान बनाया गया है, जिसके तहत जल्द ही ग्रामीणों को यहां से गंबूजिया फिश दी जाएंगी।

डेंगू के मच्छर जून माह में तैयार होना शुरू हो जाते हैं और अक्टूबर से दिसंबर तक इसका पीक टाइम होता है। हालांकि डेंगू का सीजन जून से दिसंबर तक माना जाता है, जिसके चलते ही सेहत विभाग की ओर से अभी से इससे बचाव को लेकर तैयारियां शुरू कर दी हैं। विभाग ने डेंगू से निपटने के लिए डेंगू वार्ड बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

खबरें और भी हैं...