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लापरवाही :झारखंड के दस बच्चों को उनके घर में पहुंचाने की बजाय लखनऊ में छोड़ा

फिरोजपुर15 दिन पहले
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आर्य अनाथालय का गेट।
  • आर्य अनाथालय को चाइल्ड वेल्फेयर कमेटी ने जारी किया कारण बताओ नोटिस
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फिरोजपुर छावनी स्थित आर्य अनाथालय प्रबंधन ने यहां पर रहने वाले झारखंड के 10 बच्चों को उनके घरों तक छोड़ने की बजाय लखनऊ में ही छोड़ दिया। उसके बाद वे बच्चे घर पहुंचे हैं या नहीं इस बात को लेकर चिंतित चाइल्ड वेल्फेयर कमेटी ने अनाथालय को नोटिस जारी कर जल्द जबाव मांगा है। अनाथालय की यह लापरवाही बच्चों पर भारी पड़ सकती है। आर्य अनाथालय प्रबंधन ने यहां पर रहने वाले झारखंड के 10 बच्चों को किन्हीं कारणों के चलते उनके घरों तक छोड़ने के लिए 22 जून को ई पास जारी करवाया।

जब ई-पास फिरोजपुर से लखनऊ का बनवाया गया तो यह स्पष्ट हो जाता है कि बच्चों को लखनऊ में छोड़ा गया। उसके बाद बच्चे कैसे अपने घरों को पहुंचे होंगे‌? जब इस बात की भनक प्रशासन को लगी तो बाल विकास प्रोजेक्ट अफसर और चाइल्ड वेल्फेयर कमेटी के प्रतिनिधियों ने 26 जून को आर्य अनाथालय में निरीक्षण किया। इस दौरान एक बार तो अनाथालय प्रबंधन की ओर से उनको 10 बच्चों के भेजने की जानकारी नहीं दी गई पर बाद में जब टीम ने बच्चों की गिनती की तो 96 में से 86 बच्चे मौजूद पाए गए।

जब 10 बच्चों के बारे में पूछा गया तो आर्य अनाथालय की प्रबंधक सतनाम कौर ने उन्हें बताया कि 10 बच्चों को झारखंड उनके घर भेज दिया गया है। इसके बाद मामला यह सामने आया कि बच्चों को झारखंड की बजाय लखनऊ भेजा गया है। प्रबंधन का कहना है कि लखनऊ से आगे बच्चों को झारखंड तक भेजने के लिए हमारी संस्था ने ही प्रबंध किया है। बच्चों को लेने पेरेंटस कैसे आ सकते हैं, क्योंकि उन बच्चों को अनाथ आश्रम में रखा जाता है जिनके पेरेंटस नहीं होते। अभी तक प्रशासन ने यह मालूम नहीं है कि बच्चे अपने घरों तक पहुंच चुके है या नहीं।

चाइल्ड वेल्फेयर कमेटी ने सोमवार शाम को आर्य अनाथालय को नोटिस जारी कर जल्द जवाब मांगा है। इसमें लिखा गया है कि 10 बच्चों को कहां भेजा गया है और कैसे भेजा गया। इसी प्रकार बच्चों के घर पहुंचने की चिंता को लेकर बाल विकास प्रोजेक्ट अफसर ने भी झारखंड के संबंधित जिले के प्रशासन को पत्र लिखकर कहा गया है कि संबंधित बच्चों के बारे में जांच करके रिपोर्ट भेजी जाए। इस बारे जब डीसी गुरपाल सिंह चाहल से बात की गई तो उन्होंने कहा कि यह मामला उनके नोटिस में नहीं है। पता करवाता हूं। 

बिना अनुमति बच्चों को भेज दिया : बाल विकास प्रोजेक्ट अफसर

इस बारे में बाल विकास प्रोजेक्ट अफसर रत्नदीप कौर संधू ने कहा कि हमें पता चला है कि आर्य अनाथालय प्रबंधन की ओर से 10 बच्चे झारखंड भेजे हैं। नियम के अनुसार उनको संबंधित विभाग से अनुमति लेनी थी, पर उन्होंने बिना अनुमति के ही बच्चों को भेज दिए। अब इस बारे में डीसी साहब को अवगत करवाया गया है और उन्होंने इस मसले को लेकर शीघ्र ही मीटिंग करने की बात कही है। मीटिंग में शेष 86 बच्चों को भी उनके प्रदेशों में भेजे जाने पर मंत्रणा होगी।

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