पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

सतलुज के टापू पर बसा गांव कालूवाला:700 मीटर दरिया पार कर स्कूल जाता रहा मलकीत, आजादी के बाद यहां पहली बार कोई 12वीं पास हुआ

फिरोजपुर6 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
अपने प्रिंसिपल के साथ सतलुज पार करता मलकीत। - Dainik Bhaskar
अपने प्रिंसिपल के साथ सतलुज पार करता मलकीत।
  • मलकीत बोला- जज बनना चाहता हूं, मुझे देख और बच्चे भी स्कूल जाने लगे हैं

पाकिस्तान सीमा से 500 मीटर पहले देश का आखिरी गांव कालूवाला। सतलुज दरिया के टापू पर बसे इस गांव की आबादी करीब 400 है। आजादी के बाद पहली बार यहां किसी छात्र ने 12वीं पास की है। मलकीत सिंह ने 82% अंक लाकर गांव का नाम रोशन किया है। गांव में स्कूल नहीं है, इसलिए वो लकड़ी की बेड़ी चलाकर 700 मीटर का दरिया पार कर स्कूल जाता था। मलकीत का सपना है कि वह उच्च शिक्षा हासिल कर जज बने और लोगों को न्याय दिलाए। उसकी देखा-देखी गांव के 14 बच्चे भी अब स्कूल जाने लगे हैं।

अगस्त-सितंबर में पानी के तेज बहाव के कारण नहीं जा पाता था स्कूल

सतलुज के दो भागों में बंटे होने से बीच में बसे कालूवाला के मलकीत ने प्राइमरी एजुकेशन गांव निहाले वाला के प्राइमरी स्कूल में की। दरिया पर आर्मी हर साल कैप्सूल पुल बनाती है, जिससे लोग आते जाते हैं। मलकीत ने छठी कक्षा में सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल गट्‌टीराजोके में एडमिशन लिया। दाखिला लेने के बाद वह हर दिन सतलुज दरिया को लकड़ी की बेड़ी से पार कर स्कूल में जाता था। अगस्त-सितंबर में पानी का बहाव तेज होने पर स्कूल नहीं जा पाता था।

13-14 अन्य विद्यार्थियों को स्कूल में लेकर आया

मलकीत ने शिक्षा के महत्व को समझते हुए अपने गांव के 13-14 अन्य विद्यार्थियों को भी स्कूल में लेकर आया। इन्हें भी वह स्वयं बेड़ी में बैठाकर लेकर जाता व उन्हें घर छोड़ता। इन विद्यार्थियों में से अब एक विद्यार्थी 12वीं में और दसवीं में है। मलकीत ने बताया कि इस उपलब्धि में प्रिंसिपल डॉ. सतिंद्र सिंह का बहुत योगदान है, जिन्होंने गांव आकर हमारी सारी स्थिति देखी। इसके बाद उन्होंने मुझे पढ़ने के लिए किताबें, पहनने को ड्रेस आदि की व्यवस्था भी कराई। ताकि हमारी पढ़ाई चल सके।

पर्सनालिटी डेवलपमेंट कैंपों से सीखा शिक्षा का महत्व

प्रिंसिपल डॉ. सतिंद्र सिंह ने बताया कि मलकीत रोजाना स्कूल में लेट आता था। पूछने पर बताया सुबह पहले पिता के साथ सब्जी तुड़वाता है, फिर उन्हें दरिया पार करवाकर आता है, जिसके चलते वह लेट हो जाता है। इसके बाद प्रिंसिपल ने नेहरू युवा केंद्र व कुछ अन्य संस्थाओं की मदद से मलकीत सिंह को पर्सनालिटी डेवलपमेंट कैंपों में भेजा। जहां उसने समय और शिक्षा का महत्व को समझा और समय पर स्कूल आने लगा।

आज का राशिफल

मेष
Rashi - मेष|Aries - Dainik Bhaskar
मेष|Aries

पॉजिटिव- आज ऊर्जा तथा आत्मविश्वास से भरपूर दिन व्यतीत होगा। आप किसी मुश्किल काम को अपने परिश्रम द्वारा हल करने में सक्षम रहेंगे। अगर गाड़ी वगैरह खरीदने का विचार है, तो इस कार्य के लिए प्रबल योग बने हुए...

और पढ़ें

Open Dainik Bhaskar in...
  • Dainik Bhaskar App
  • BrowserBrowser