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संदेश:जामा मस्जिद और घरों में मुस्लिम भाईचारे ने मनाई बकरीद

मुक्तसर7 दिन पहले
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  • जामा मस्जिद में मोहम्मद हाशिम ने नमाज अदा करवाई, अमन चैन की दुआ मांगते भाईचारे का दिया संदेश

शहर की एतिहासिक जामा मस्जिद व घरों में मुस्लिम भाईचारे के लोगों द्वारा सामाजिक दूरी का पालन करते हुए ईद उल अजहा (बकरीद) मनाई गई। इस समय जहां जामा मस्जिद में मोहम्मद हाशिम ने मुस्लिम भाईचारे को नमाज अदा करवाई वहीं अमन चैन की दुआ मांगते भाईचारे का संदेश दिया।

मुस्लिम इंतजामिया कमेटी के चेयरमैन मोहम्मद असरफ, प्रधान डाॅ. मोहम्मद सईद नेता व सचिव अकबर अली ने बताया कि जहां कुछ लोगों ने जामा मस्जिद में नमाज अदा की वहीं अधिकतर लोगों ने अपने अपने घरों में ही कोरोना हिदायतों का पालन करते हुए यह त्यौहार मनाया। लोगों ने दिनभर सोशल मीडिया से भी ईद की बधाई दी। इसी प्रकार जिले के कई कस्बों में भी ईद उल जुहा के पर्व पर कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।

आपको बता दें कि बकरीद के अवसर पर सबसे पहले नमाज अदा की जाती है। इसके बाद बकरे या तुंबे-भेड़ की कुर्बानी दी जाती है। कुर्बानी के गोश्त को तीन हिस्सों में बांटा जाता है। इसमें से एक हिस्सा गरीबों को जबकि दूसरा हिस्सा दोस्तों और सगे संबंधियों को दिया जाता है। वहीं, तीसरे हिस्सा अपने परिवार के लिए रखा जाता है। ईद-उल-फितर की तरह ईद-उल-जुहा में भी गरीबों और मजलूमों का खास ख्याल रखा जाता है। इसी मकसद से ईद-दल-जुहा के सामान यानी कि कुर्बानी के समान के तीन हिस्से किए जाते हैं।

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