किसानों के सोने में नमी का खोट:धान में 24% तक मिल रही है नमी मंडियों में बिछाकर सुखाना पड़ रहा

फिरोजपुर19 दिन पहले
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3 अक्टूबर को प्रदेश में धान की खरीद शुरू हो गई, लेकिन अब किसानों को धान में नमी की मात्रा 17 से अधिक होने के चलते खरीद का इंतजार करना पड़ रहा है। किसान मंडियों में धान लेकर पहुंच रहे हैं और सरकारी एजेंसियों की ओर से खरीद भी की जा रही है, लेकिन जिन किसानों की धान की फसल में नमी की मात्रा अधिक है, उन्हें अब मंडियों में धान को बिखेरकर सुखाना पड़ रहा है व दिन-रात धान की रखवाली करनी पड़ रही है।

वहीं, छावनी की अनाज मंडी में वीरवार को एक किसान ने बताया कि वह दो दिन से धान लेकर मंडी में बैठा है। सरकारी खरीद के लिए जब एजेंसी की ओर से धान में नमी की जांच की गई तो नमी 24 आई, जिसके चलते खरीद नहीं हो सकी। इसके बाद धान को मंडी में ही बिखेरकर वह सूखा रहा है व पंखा भी लगाया गया है, ताकि नमी में कमी आए। फिलहाल मंडियों में धान की खरीद एमएसपी 1840 से 1860 रुपए प्रति क्विंटल के हिसाब से की जा रही है। इसमें ए ग्रेड धान की खरीद 1860 रुपए तो सामान्य धान की खरीद 1840 रुपए प्रति क्विंटल की जा रही है।

वहीं, मंडी बोर्ड के अधिकारियों से बात की गई तो उन्होंने कहा कि मंडियों में किसानों को किसी तरह की कोई दिक्कत नहीं आने दी जाएगी। मंडियों में पानी, साफ-सफाई आदि का पूरा इंतजाम किया गया है। वहीं, उन्होंने कहा कि धान में नमी की मात्रा अधिक होने के चलते खरीद में कमी आ रही है।

जिले में अब तक 3999 मीट्रिक टन धान की आवक

जिले में धान की खरीद को लेकर 128 स्थायी व 48 अस्थायी मंडियां स्थापित की गई हैं, जिनमें पनग्रेन, मार्कफेड, पनसप, वेयर हाउस व एफसीआई एजेंसियां धान की खरीद करेंगी। जिले में अब तक 3999 मीट्रिक टन धान की आवक हो चुकी है, जिसमें से 2699 मीट्रिक टन की खरीद हो चुकी है।

धान में नमी 17 तक हाेने पर ही होगी खरीद

शुरुआत में धान की फसल में नमी की मात्रा 25 तक होती है, जबकि मंडियों में खरीद 17 तक या इससे कम नमी होने पर ही की जा रही है। हालांकि, पिछले सालों की तुलना करें तो अकसर धान में नमी की मात्रा 17 से कम 10 अक्टूबर के बाद ही आती है।

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