झोरड़ के सरपंच का आरोप / सत्ताधारी पक्ष के लोग मनरेगा के तहत काम करने वाले लोगों से कहते हैं उनके खाते में मजदूरी नहीं डालने देंगे

People in the ruling party tell the people working under the MNREGA, they will not allow wages to enter their account.
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People in the ruling party tell the people working under the MNREGA, they will not allow wages to enter their account.

  • कहा- पंचायत जाे भी विकास कार्य करती है उसमें गांव के ही कुछ लाेग राेड़ा डाल देते हैं, सरपंच ने डीसी से की शिकायत

दैनिक भास्कर

Jun 02, 2020, 05:00 AM IST

मुक्तसर. गांव झोरड़ की पंचायत जो भी विकास कार्य करती है उसे गांव का ही एक सत्ताधारी व्यक्ति फेल कर देता है, जिस कारण मजबूर हुई पंचायत ने डीसी से समस्या का हल करने की गुहार लगाई है। गांव के सरपंच जसराज सिंह एवं पंचराज कुमार, रामपाल सिंह, गुरमीत सिंह, गुरजंट सिंह, जीत सिंह, बलविंदर सिंह, सुरजीत सिंह ने बताया कि गांव में चार छप्पड़ हैं। इन छप्पड़ों के पानी के निकास के लिए तीन मोटर व एक इंजन लगा हुआ है। गंदे पानी की निकासी सेम नोल में होती है, लेकिन अब छप्पड़ गार से भरे हुए हैं, जिस कारण इनकी सफाई की आवश्यकता है। इसके साथ ही सरकार ने मनरेगा मजदूरों की आर्थिक सहायता के लिए उन्हें काम देने की हिदायत की है।

पंचायत सचिव गुरमीत सिंह ने भी सरकारी आदेशों के अनुसार छप्पड़ों की सफाई करवाने के लिए पंचायत को कहा है। पंचायत ने सफाई के लिए नरेगा मजदूर लगा दिए। मजदूरों ने सप्ताह तक कार्य किया, लेकिन इसके बाद गांव के सत्ताधारी पक्ष से जुड़े व्यक्ति ने कथित तौर पर मनरेगा मजदूर जीत सिंह, गुरजंट सिंह बलविंदर सिंह व अन्यों को धमकी दी कि वह उनके खाते में पैसे नहीं डालने देगा। इससे मजबूर होकर पंचायत ने कम बंद करवा दिया। सरपंच ने बताया कि छप्पड़ की सफाई न होने के कारण गांव में गंदे पानी की समस्या बनी हुई है और छप्पड़ नजदीक घरों की दीवारे गिरने वाली है। उन्होंने डीसी से मांग की है कि गांव के विकास कार्य व छप्पड़ की सफाई के लिए आदेश दिए जाए और रूकावट डालने वाले के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। 


इस दौरान बीडीपीओ मलोट जसवंत सिंह ने बताया कि यह मामला उनके ध्यान में है। पंचायत को कम करवाने से कोई नहीं रोक सकता। अगर कोई रोके तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। तहसीलदार मुक्तसर ने गांव झोरड़ की पंचायत से मांग पत्र प्राप्त करते कहा कि वह मामला डीसी के ध्यान में लाएंगे।

सरायेनागा-मड़मल्लू ड्रेन की सफाई न हाेने से आने वाले दिनाें में किसानाें काे हाेगी मुसीबत

गांव सरायेनागा, मड़ाहरकलां व बरीवाला क्षेत्र के हजारों एकड़ रकबे के लिए जीवन धारा बनने वाली सरायेनागा मड़मल्लू ड्रेन में लम्बे समय से सफाई न होने के कारण इसमें घास-फूस पैदा हो गया है। गंदगी के कारण बारिश के समय पानी का बहाव नहीं होता और यह पानी सेमनाले से बाहर आकर खड़ी फसलों को बर्बाद कर देता है। क्षेत्र के किसान शिवराज सिंह सरायेनागा, हरमीत सिंह, अंग्रेज सिंह बरीवाला, मोदन सिंह, मलकीत सिंह मड़ाहर कलां अन्यों ने बताया कि इन गांवों के खेतों में बारिश के पानी का निकास इस ड्रेन के माध्यम से होता है। इसलिए अब पूर्ण सफाई न की गई तो आने वाली बारिश में नुकसान होने का खतरा है। वहीं प्रशासनिक अधिकारियों ने किसानों को भरोसा दिया कि वह जल्द ही सफाई करने के लिए ड्रेन विभाग के अधिकारियों को हिदायत करेंगे। ड्रेन विभाग फरीदकोट के कार्यकारी इंजीनियर रूपिंदर सिंह ने बताया कि विभाग द्वारा इस्टीमेट बनाकर भेज दिए गए हैं और जल्द ही इनके टेंडर लगा दिए जाएंगे। लाॅकडाउन के कारण टेंडराें में देरी हुई है अब जल्द ही टेंडर लगाकर सेमनालों की सफाई करवा दी जाएगी।

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