उल्लंघन:सेफ स्कूल वाहन पॉलिसी की धज्जियां उड़ा रहे स्कूली वाहन, ऑटो पर विद्यार्थियों को ढोया जा रहा

फिरोजपुरएक महीने पहले
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  • ओवरलोडिंग से बच्चों की जान जोखिम में

जिले के स्कूलों में विद्यार्थियों को घर से स्कूल तक लाने व छोड़ने के लिए अधिकतर स्कूली वाहन सेफ स्कूल वाहन पॉलिसी की जमकर धज्जियां उड़ा रहे हैं। वहीं प्रशासन आंख मूंदकर बैठा है। जिले में ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों के स्कूलों में बच्चों को स्कूली वैन के अलावा ऑटो रिक्शा में भी ढोया जा रहा है जोकि नियमों के खिलाफ है।

ऑटो में बैठने वाले किसी भी बच्चे को कोई सेफ्टी नहीं है। जिन वाहनों में परिजन अपने बच्चों को स्कूल में भेज रहे हैं उनमें न तो कैमरे हैं, न फर्स्ट एड बॉक्स है । वहीं जिला बाल सुरक्षा यूनिट ने टीम बनाकर मंगलवार को 5 स्कूली वाहनों के चालान काटकर खाना पूर्ति की गई है।

70 प्रतिशत वाहन नियमों की धज्जियां उड़ा रहे

मंगलवार को जब इस बात की पड़ताल की गई कि कितने वाहन ऐसे हैं जो सेफ स्कूल वाहन पॉलिसी के अनुसार चलाए जा रहे हैं तो पाया कि 70 प्रतिशत से अधिक वाहन नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं। स्कूल की छुट्टी के बाद दोपहर को जब वाहन चालक बच्चों को वाहनों में बैठाकर घरों को जा रहे थे तो स्कूलों के पास जाकर देखा कि ज्यादातर वाहनों में न तो सीसीटीवी कैमरा थे, न फर्स्ट एड बॉक्स, कई स्कूली वैनों पर स्कूल का नाम तक नहीं लिखा था।

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