आयोजन:तीर्थराज प्रयाग में स्नान करना रोग एवं दुस्वप्न विनाशक- स्वामी कमलानंद गिरि

फिरोजपुरएक महीने पहले
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  • कार्तिक महोत्सव के दौरान श्रीराम भवन में करवाया सत्संग

देवभूमि हरिद्वार के महामंडलेश्वर स्वामी कमलानंद गिरि जी महाराज ने कार्तिक महात्म्य सुनाते हुए कहा कि तीर्थराज प्रयाग में निवास एवं संगम स्नान सिद्धि प्राप्त कराने वाला, दुस्वप्न विनाशक, संपूर्ण पापों को जला देने वाला, दुष्ट ग्रह निवारक, रोग विनाशक, आयु वृद्धि कर्ता होने के कारण तीर्थराज प्रयाग कलियुग में विशेष महत्वपूर्ण है। महामंडलेश्वर स्वामी कमलानंद जी महाराज ने ये विचार श्री राम भवन में चल रहे वार्षिक कार्तिक महोत्सव के दौरान तीर्थराज प्रयाग में स्नान का महत्व बताते हुए व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि कलियुग में ऋषि-मुनियों ने मुक्त कंठ से तीर्थराज प्रयाग (जिसमें गंगा, यमुना और सरस्वती का संगम है) को अति श्रेष्ठ कहा है। यदि गंगा स्नान करने हरिद्वार या प्रयाग जा सकें तो बहुत अच्छी बात है। यदि नहीं भी जा सकते हैं तो गंगा जी का स्मरण करते हुए व्यक्ति कहीं भी स्नान करे तो मां गंगा की कृपा से उसे मोक्ष मिल जाता है। गंगा दर्शन व गंगा स्नान के समान कोई तीर्थ नहीं है। जन्म देने वाली माता के समान कोई गुरु नहीं है। चतुर्भुज नारायण विष्णु के समान कोई देव नहीं हैं। गुरु से परे कोई तत्व नहीं। जैसे चारों वर्णाें में ब्राह्मण श्रेष्ठ है। नक्षत्रों में चंद्रमा श्रेष्ठ है। समुद्रों में क्षीरसागर श्रेष्ठ है। ऐसे समस्त नदियों में गंगा जी श्रेष्ठ हैं। वेद की माता गायत्री श्रेष्ठ हैं।

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