बैठक:बीएसएफ को पंजाब में 50 किमी तक कार्रवाई के अधिकार देना गलत : सिख स्टूडेंट फेडरेशन

फिरोजपुरएक महीने पहले
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केंद्र सरकार की तरफ से बीएसएफ को पंजाब में पाकिस्तान के साथ लगती सीमा के अंदर 50 किलोमीटर तक कार्रवाई और गिरफ्तारी के अधिकार देने के संबंध का प्रतिशोध व्यक्त करते हुए सिख स्टूडेंट फेडरेशन ग्रेवाल के अध्यक्ष और शिरोमणि कमेटी के सदस्य गुरचरण सिंह ग्रेवाल ने फिरोजपुर में फेडरेशन ऑफ फ्रंटियर वर्कर्स की बैठक को संबोधित करते हुए बताया कि आजादी के बाद से ही पंजाब केंद्र के निशाने पर रहा है। दिल्ली में सत्तारूढ़ कांग्रेस या भाजपा ने पंजाब के अधिकारों के लिए लड़ने वाले सिखों और लोगों को आतंकवादी, अलगाववादी करार दिया है।

पिछले दिनों से पंजाब से शुरू हुए किसान आंदोलन ने मोदी सरकार के लिए एक बड़ी चुनौती पेश की है। इसी के चलते मोदी सरकार पंजाब में अपना कब्जा और केंद्र की तरफ से पंजाब में सीधे दखल देने की योजना बना रही है। यह अफसोस की बात है कि कैप्टन के बाद, कांग्रेस के नवनियुक्त मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी अचानक अमित शाह से मिलने के लिए गए और मिलने के बाद यह बयान आया कि वह अमित शाह से पंजाब की सीमाओं को सील करने का अनुरोध करने गए थे।

कुछ समय के बाद केंद्र ने तुगलकी आदेश जारी कर बीएसएफ को जो देश की सीमाओं की सुरक्षा करती है, को पंजाब सीमा के साथ 50 किलोमीटर के क्षेत्र में गिरफ्तारी, तलाशी और जब्त करने के लिए अधिकृत किया है। इस कार्रवाई ने कांग्रेस के कैप्टन और वर्तमान मुख्यमंत्री चन्नी के भाजपा के साथ गुप्त समझौते को उजागर कर दिया है, जो पंजाब के लिए बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।

खासतौर पर इस फैसले से केंद्र द्वारा सिखों को निशाना बनाया जाएगा और फिर पंजाब को रसातल में धकेल दिया जाएगा। इस मौके पर भाई ग्रेवाल के साथ दिलबाग सिंह विर्क, परमजीत सिंह कलसी, मनप्रीत सिंह खालसा, गुरप्रीत सिंह ढिल्लों, जसवीर सिंह, बलजिंदर सिंह, कैप्टन प्यारा सिंह, बूटा सिंह, डॉ. भजन सिंह, जसबीर सिंह कलसी, परमजीत सिंह, डॉ. निर्वीर सिंह, मलकीत सिंह लायलपुरी, मेहर सिंह, कुलबीर सिंह और हरप्रीत सिंह आदि उपस्थित थे।

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