पुतला फूंका:एनएचएम कर्मचारियों ने रेगुलर करने के लिए, मलोट में राष्ट्रीय शाह मार्ग 2 घंटे किया जाम

मलोटएक महीने पहले
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  • पंजाब सरकार का पुतला फूंका, बाेले-पंजाब सरकार के वादे हकीकत से कोसों दूर

एनएचएम कर्मचारियों ने मंगलवार को अपनी मांगों को लेकर शहर में रोष मार्च निकालकर राष्ट्रीय शाह मार्ग पर धरना लगाकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की व पंजाब सरकार का पुतला फूंका गया, जिस कारण दो घंटे तक राष्ट्रीय मार्ग पर यातायात पूरी तरह ठप रहा। एनएचएम इम्प्लाइज यूनियन पंजाब के ऐलान के अनुसार पंजाब भर में तय प्रदर्शन के तहत मलोट सिविल अस्पताल से पंजाब सरकार का पुतला उठाते प्रदर्शन करते हुए एनएचम कर्मचारी पंजाब सरकार के विरूद्ध नारेबाजी करते हुए राष्ट्रीय मार्ग पर आकर यातायात ठप कर दिया।

धरने पर बैठे एनएचम कर्मचारियों ने पंजाब सरकार से रेगुलर करने की मांग की। एनएचएम एम्पलाइज यूनियन के प्रांतीय अध्यक्ष गुरप्रीत सिंह, जिलाध्यक्ष सुनील कुमार, नवनीत कौर प्रांतीय अध्यक्ष नर्सिंग, हरजीत कौर ने कहा कि पंजाब के सभी जिलों के एनएचएम कर्मी इस आरपार की लड़ाई में कूद पड़े हैं। अगर अब भी पंजाब सरकार ने मांगे न मानी तो इस संघर्श को और तेज किया जाएगा। एनएचएम कर्मचारियों को रेगुलर न करके उनसे मजाक किया जा रहा है, जबकि यह कर्मचारी गत वर्षाें से रैगुलर कर्मचारियों के मुकाबले बहुत ही कम वेतन ले रहे हैं।

एनएचएम कर्मचारियों की समस्याएं सुनने व उनके समर्थन में शिरोमणि अकाली दल के महासचिव व पूर्व विधायक हरप्रीत सिंह ने सिविल अस्पताल में धरने पर बैठे कर्मचारियों से बातचीत की। इस अवसर पर एनएचएम मुलाजिम यूनियन के नेताओं ने उन्हें एक मेमोरंडम भी दिया। इस अवसर पर एनएचएम इम्प्लाइज यूनियन के प्रांतीय अध्यक्ष गुरप्रीत सिंह, जिलाध्यक्ष सुनील कुमार, नवनीत कौर, वीरपाल कौर ने बताया कि एक ओर पंजाब सरकार एनएचएम कर्मचारियों को कोरोना योद्धाओं का खिताब देकर नवाजती है, परंतु दूसरी ओर उनकी जायज मांगों के प्रति कोई संजीदगी नहीं दिखा रही। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार द्वारा स्वास्थ्य विभाग के एनएचम कर्मचारियों को रेगुलर न करके उनका मजाक किया जा रहा रहा है जबकि यह कर्मचारी गत कई सालों से रेगुलर कर्मचारियों के मुकाबले कम वेतन ले रहे हैं। हरप्रीत ने कहा कि पंजाब सरकार द्वारा राज्य में 36 हजार कर्मचारियों को रेगुलर के जो वादे इश्तिहारों में किए जा रहे हैं, हकीकत यह है कि सरकार ने 36 कर्मचारियों को भी रेगुलर नहीं किए।

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