ठगी का मामला:आइलेट्स सेंटर संचालक को ठगी के केस से निकालने के नाम पर 1.45 लाख रुपए ठगे

मोगा3 महीने पहले
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आरोपी विनोद कुमार शर्मा। - Dainik Bhaskar
आरोपी विनोद कुमार शर्मा।
  • आरोपी ने खुद को मानवाधिकार आयोग का डायरेक्टर व मोगा के एसएसपी का क्लासमेट बता जाल में फंसाया, सवा साल से शिकायतकर्ता कार भी नहीं कर रहा वापस, केस दर्ज

आईलेट्स सेंटर संचालक के खिलाफ उसी के सेंटर में पढ़ने वाले 4 स्टूडेंट ने लाखों रुपए की ठगी के मामले में केस दर्ज करवाया था। बाद में आरोपी को केस से निकलवाने के नाम पर मानवाधिकार आयोग का डायरेक्टर बताने वाले व्यक्ति ने मोगा के एसएसपी का क्लासमेट बताकर उसे जांच करवाकर केस से बाहर निकलवाने के नाम पर एक लाख 45 हजार रुपए खाते में ट्रांसफर करवाए। जबकि सवा साल से उसकी वरना कार लेकर भी घूम रहा है। पुलिस द्वारा जांच के उपरांत आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। पुलिस द्वारा आरोपी की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है।

संचालक के खिलाफ उसी के सेंटर में पढ़ने वाले 4 स्टूडेंट्स ने लाखों रुपए की ठगी के मामले में करवाया था केस दर्ज
थाना सिटी वन के एएसआई बलकार सिंह ने बताया कि शहर के नानक नगरी निवासी हरविंदर सिंह ने एसएसपी मोगा को मार्च 2021 में दी लिखित शिकायत में आरोप कहा कि उसके द्वारा साल 2016 में मोगा शहर में इंस्पायर एजुकेशन आईलेट्स सेंटर खोला गया था। सेंटर खोलने के कुछ समय बाद लुधियाना के फॉक्स इमीग्रेशन सेंटर की ओर से उनके आईलेट्स सेंटर में सेमिनार का आयोजन किया गया था।

इसमें उनके द्वारा स्टूडेंट्स को वीजा लगाकर बाहर भेजने के बारे में कहा गया था। सेमिनार के कुछ समय बाद उनके आईलेट्स सेंटर के 4 स्टूडेंट्स ने आईलेट्स सेंटर की ओर से फॉक्स इमीग्रेशन वालों को वीजा देने के लिए आग्रह किया, जिसके तहत फॉक्स इमीग्रेशन वालों ने चारों स्टूडेंट से अलग-अलग राशि लेकर उनका वीजा अप्लाई किया। लेकिन फॉक्स इमीग्रेशन की ओर से स्टूडेंट्स को फर्जी वीजे एवं ऑस्ट्रेलिया की फर्जी वेबसाइट बनाकर दी गई, जिससे फोक्स इमीग्रेशन ने चारों स्टूडेंट के साथ लगभग 38 लाख रुपए की ठगी मारी थी।

शिकायतकर्ता हरविंदर सिंह का कहना है कि स्टूडेंट के साथ हुई ठगी के मामले में स्टूडेंट्स ने उनके खिलाफ पुलिस में शिकायत करने के उपरांत पुलिस ने जांच पड़ताल के दौरान साल 2019 में उनके खिलाफ दो ठगी के दर्ज कर लिए थे। जबकि उनकी ओर से फॉक्स इमीग्रेशन लुधियाना वालों के खिलाफ जो लिखित शिकायत पुलिस को दी गई थी। 2 साल से ज्यादा समय बीतने पर भी कोई कार्रवाई नहीं की गई है।

इसी बीच साल 2020 में सोशल मीडिया के जरिए उनकी जान पहचान लुधियाना के विनोद कुमार शर्मा के साथ हुई। विनोद कुमार ने खुद को मानवाधिकार आयोग का डायरेक्टर बता उससे मुलाकात की। साथियों उसने बताया कि उसके बड़े बड़े पुलिस अधिकारियों के साथ नजदीकी जान पहचान होने के चलते वह किसी को भी किस से बाहर निकलवा सकते हैं।

साथ ही उसने यह भी बताया कि मोगा का एसएसपी उसका क्लासमेट होने के चलते वह जल्द ही उसे ठगी के मामले में दर्ज हुए केस से क्लीन चिट दिलवा देगा। लेकिन इसके बदले में केस से बाहर निकलवाने के लिए रुपयों की डिमांड की। इसके चलते हरविंदर सिंह ने एक लाख 45 हजार रुपए विनोद कुमार शर्मा के साल 2020 में बैंक अकाउंट में ट्रांसफर करवा दिए थे।

इसके उपरांत विनोद कुमार शर्मा मोगा आया तथा उसकी गाड़ी खराब होने का नाटक कर वह हरविंदर सिंह की वरना गाड़ी साथ ले गया, यह कहकर कि वह एक-दो दिन में वापस कर देगा लेकिन सवा साल बीतने पर भी न तो उसे केस से बाहर निकलवाया, न ही उससे ली राशि और गाड़ी वापस की गई।

हरविंदर सिंह ने एसएसपी मोगा को लिखित शिकायत देकर जांच की मांग की। एसएसपी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपीडी को मामले की जांच सौंप दी। मामले की लंबी चली जांच के बाद विनोद कुमार शर्मा निवासी लुधियाना के खिलाफ धारा 419, 420 के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस द्वारा आरोपी की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। आरोपी फरार है।

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