अनंत चौदस:अनंत चतुर्दशी व्रत का हिंदू धर्म में विशेष महत्व- नंदलाल शास्त्री

मोगा4 महीने पहले
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  • ये कपास या रेशम से बने होते हैं और इनमें चौदह गांठें होती हैं

अनंत चतुर्दशी व्रत का हिंदू धर्म में बड़ा महत्व है इसे अनंत चौदस के नाम से भी जाना जाता है। इस व्रत में भगवान विष्णु के अनंत रूप की पूजा होती है। भाद्रपद मास में शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी को अनंत चतुर्दशी कहा जाता है। बगलामुखी मंदिर के पुजारी नंदलाल शास्त्री ने बताया कि 19 सितंबर को अनंत भगवान (भगवान विष्णु) की पूजा के पश्चात बाजू पर अनंत सूत्र बांधा जाता है।

ये कपास या रेशम से बने होते हैं और इनमें चौदह गांठें होती हैं। पुराणों में अनंत चतुर्दशी की कथा के युधिष्ठिर से संबंधित होने का उल्लेख मिलता है। पांडवों के राज्यहीन हो जाने पर श्रीकृष्ण ने उन्हें अनंत चतुर्दशी का व्रत करने का सुझाव दिया। इससे पांडवों को हर हाल में राज्य वापस मिलेगा इसका भी भरोसा दिया। भगवान हरि प्रसन्न होकर दीर्घायु का आशीर्वाद देते है और अनन्त चतुर्दशी के दिन भगवान श्री गणेश का विसर्जन भी किया जाता है। गणपति जी से ऋद्धि सिद्धि का आशीर्वाद लिया जाता है।

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