आइसोलेशन सेंटर:लंबे समय से खाली चले आ रहे मोगा के लेवल-1 के कोविड सेंटर को सेहत विभाग ने किया बंद

मोगाएक वर्ष पहले
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  • कोविड-19 काे लेकर मोगा जिले में कच्चे रखे 8 डाॅक्टर, 16 स्टाफ नर्सें, 15 अटेंडेंट्स, 7 लेब टेक्निशीयन व 6 फॉर्मासिस्ट हटाए

कोरोना पॉजिटिव मरीजों की ज्यादा संख्या घरों में आइसोलेट करने व गंभीर रोगियों के निजी अस्पतालों में इलाज कराने के रुझान को देखते पंजाब सरकार ने कोविड के दौरान बनाए आइसोलेशन सेंटर लेवल-1 मंगलवार से बंद कर दिए हैं और इनके लिए रखा आरजी स्टाफ भी तुरंत प्रभाव से हटा दिया है। सरकार के इस फैसले से मोगा जिले में लेवल-1 का एक ही सेंटर था, जो एलएलआरएम काॅलेज घल्लकलां में चल रहा था। इस सेंटर में लंबे समय से कोई मरीज दाखिल नहीं था और न किसी का इलाज चल रहा था। इस बात का खुलासा भास्कर ने कुछ दिन पहले किया था तो सीएमओ ने बताया था कि लोग अपनी मर्जी से निजी अस्पतालों में दाखिल हो जाते हैं।

ऐसे में सेहत विभाग जोर जबरदस्ती नहीं कर सकता। यहां बता दें कि मोगा में शुरू से ही गंभीर रोगियों का लुधियाना के अस्पतालों में या फरीदकोट मेडिकल काॅलेज व अस्पताल में इलाज कराने का रुझान होने के चलते आइसोलेशन सेंटर खाली रहते थे। वहीं मोगा का जिले अस्पताल में भी काफी अर्से से मरीज दाखिल नहीं थे।

हटाए गए आरजी स्टाफ में रोष

मोगा जिले को कोविड-19 के चलते कोविड के मरीजों की देखरेख के लिए 8 डॉक्टर, 16 स्टाफ नर्सें, 15 अटेंडेंटस, 7 लैब टेक्नीशियन व 6 फॉर्मासिस्ट आरजी तौर पर रखे गए थे। इनकी सेवाएं लेते समय ही पंजाब सेहत विभाग ने साफ कर दिया था कि वह कोविड-19 के दौरान ही सेवाएं देंगे। उसके बाद उनकी सेवाओं को बंद कर दिया जाएगा। ऐसे में इनको नौकरी से फारिग करने से उनमें रोष पाया जा रहा है।

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