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मौसम:मोगा में सुबह 3 घंटे हुई रिमझिम बारिश, दोपहर में तेज धूप से लोग हुए बेहाल

मोगा12 दिन पहले
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  • सावन के पहले 3 दिन नहीं हुई बारिश, बुधवार को 12.5 एमएम बरसात से अधिकतम तापमान 31 और न्यूनतम 24 डिग्री पर पहुंचा

बुधवार को सुबह 5 बजे से 8 बजे तक कभी तेज व कभी रिमझिम बारिश होती रहा और दो घंटे बाद सुबह 10 बजे आसमान साफ हो गया और धूप निकल आई। कुल 12.5 एमएम बारिश रिकार्ड की गई। बारिश के बाद निकली धूप बहुत तीखी थी, जो दोपहर 1 बजे तापमान को 30 डिग्री सेल्सियस तक ले गई।

इन दिनों दिन में गर्मी और रात में उमस बढ़ी है। वहीं सावन के पहले तीन दिन बारिश हुई ही नहीं। 20 जुलाई को 15 एमएम बरसने के बाद बुधवार 21 जुलाई को फिर 3 घंटे बरसात हुई। मौसम विभाग के अनुसार बुधवार को अधिकतम तापमान 31 और न्यूनतम 24 डिग्री दर्ज किया गया। हवा की रफ्तार सुबह 14 व शाम को 16 किलोमीटर प्रतिघंटा दर्ज की गई। जुलाई में अभी तक केवल चार-पांच दिन ही बारिश हुई है। इस दौरान 48.2 मिमी बारिश दर्ज की गई।

बदलते मौसम में लोग उल्टी-दस्त व पीलिया के हो रहे शिकार
वहीं इससे पहले लगातार मौसम खुश्क रहने से लोगों पर गर्मी कहर बरपाती रही। बदलते मौसम में बच्चे व बड़े उल्टी-दस्त, पीलिया व बुखार के शिकार हो रहे हैं। 15% बच्चे इन बीमारियों की चपेट में आ गए हैं, वहीं 40% बड़े भी इनसे बच नहीं पाए हैं। हैरानी इस बात की है कि इस बार कोविड से पहले के सालों में गर्मी की बीमारियों में आने वाले मरीजों से कम मरीज हैं।

चिकित्सकों का कहना है कि कोविड होने के बाद या वैक्सीन लगने से लोगों की इम्युनिटी बढ़ने से इन दिनों खांसी-जुकाम के केस नाम मात्र आ रहे हैं, पेट से संबंधित बीमारियों के मरीज आ रहे हैं, जो 2020 से पहले के सालों की तुलना में कम हैं। ऐसा यही नहीं तेज धूप और बदलता मौसम लोगों की त्वचा पर असर डाल रहा है।

शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. नरिंदर सिंह का कहना है कि उमस व तापमान में सामान्य से ज्यादा बदलाव होने से बच्चों के स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि इन दिनों 15% बच्चे पेट की इन्फेक्शन संबंधी आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि बच्चों को साफ-सुथरे वातावरण में रखें। पैक्ड व जंग फूड न दें। मक्खी मच्छरों से बचा कर रखें। उबला पानी पीने को दें।

वहीं एमडी डॉ. रविंदर शर्मा का कहना है कि इन दिनों कोविड19 से उभरने के बाद व सामान्य लोगों में वैक्सीन की डोज लेने के चलते हार्ड इम्युनिटी आने से लोगों में खांसी-जुखाम के केस नाम मात्र आ रहे हैं परंतु कभी बारिश व कभी धूप निकलने के चलते मौसम में आ रहे बार-बार बदलाव के चलते लोगों में पेट से संबंधित उल्टी-दस्त, पीलिया व बुखार के लक्षण देखने को मिल रहे हैं। उनके पास आने वाले मरीजों में 40% मरीज इन बीमारियों से पीड़ित आ रहे हैं। इधर, जिला अस्पताल की ओपीडी में एक सप्ताह में पहुंचे 3450 मरीजों में से अधिकांश मरीजों में गरमी के दिनों में होने वाली बीमारियां पाई गई है।

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