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अब डर डेंगू का:60 हजार स्थानों की चेकिंग में 2850 जगह मिला लारवा, इनमें 24 निजी अस्पताल शामिल

मोगाएक महीने पहले
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मोगा में वीरवार को सेहत विभाग की टीम जिला कचहरी में एक वकील के चैंबर में लगे कूलर की जांच करते हुए। - Dainik Bhaskar
मोगा में वीरवार को सेहत विभाग की टीम जिला कचहरी में एक वकील के चैंबर में लगे कूलर की जांच करते हुए।
  • 132 संदिग्धों में नहीं आया कोई पॉजिटिव, अगर न संभले तो अक्टूबर तक बढ़ेगी परेशानी

बेशक कोरोना का कहर अब घटने लगा है परंतु बारिश का मौसम शुरू हो जाने से अब डेंगू को रोना है, क्योंकि इसकी तस्वीर भी डरावनी है। बेशक अभी तक डेंगू के 132 शकी मरीजों में कोई पॉजिटिव नहीं आया है परंतु सेहत विभाग की टीमों द्वारा अब तक सिटी के 60 हजार स्थानों पर डेंगू लारवा की जांच करने पर 2850 स्थानों पर डेंगू लारवा मिला है, इनमें 24 निजी अस्पताल भी शामिल हैं।

बेशक सेहत विभाग की टीमों ने इस लारवे को नष्ट कर दिया है परंतु सोचने वाली बात तो यह है कि कोरोना के बढ़ते मामलों के समय कोरोना के मरीज इन निजी अस्पतालों में इलाज के लिए दाखिल रहे हैं। सेहत विभाग द्वारा इन निजी अस्पतालों को चेतावनी दी गई है कि वे सफाई रखें वरना भविष्य में बड़ा जुर्माना होगा।

डेंगू लारवा की जांच करने वाली सेहत विभाग की टीम के लीडर महिंदरपाल लूंबा ने बताया कि अब तक सेहत विभाग के पास 132 डेंगू के शकी मरीज आए हैं परंतु सभी की रिपोर्ट निगेटिव आई है परंतु मार्च से अब तक उनकी टीम सिटी के 60 हजार स्थानों, जिनमें मकान, दफ्तर, संस्थान, फैक्टरियां, निजी अस्पताल, प्रशासनिक कांम्पलेक्स, जिला कचहरी, बस अड्‌डा आदि शामिल हैं, की जांच की गई है। उनकी टीम को 2850 स्थानों से डेंगू लारवा भारी मात्रा में मिला। इनमें निजी अस्पताल भी शामिल हैं।

मोगा में वर्ष 2019 में 222 व 2020 में 302 लोग आए थे डेंगू की चपेट में

जिले में 2015 के बाद डेंगू मरीजों की संख्या कम ही रही परंतु यह सैकड़ों में रही। 2015 में जिले में 514 डेंगू मरीज आये थे, 2016 में 222, 2017 में 240, 2018 में 350, 2019 में 220, 2020 कोरोना काल में 302 डेंगू मरीज आए थे। इनमें 206 सिटी के मरीज थे, जबकि 86 ग्रीण क्षेत्र के तथा 10 अन्य जिले से सबंधित थे।

डेंगू से निपटने के लिए सेहत विभाग है तैयार

डेंगू से निपटने के लिए सेहत विभाग पूरी तरह तैयार हो चुका है। अभी तक सप्ताह में एक दिन शुक्रवार को फ्राई डे ड्राई डे के तौर पर मनाते हुए सेहत विभाग की टीमे शहर में डेगूं लारवे की जांच करती हैं। इस बार से वीरवार व शुक्रवार दो दिन जांच होगी।

वहीं डेंगू मरीजों के लिये वार्ड की भी व्यवस्था की जा रही है। नोडल डा. मुनीष अरोड़ा ने बताया कि डेंगू टेस्ट की किटे पर्याप्त हैं और लोगों को अपने आसपास पानी जमा ना होने दें के लिये भी जागरुक किया जा रहा है।

डेंगू से बचाव

डा. मुनीष अरोड़ा ने डेंगू के बचाव के लिये बताया कि रात को मच्छदानी लगा कर सोयें, सुर्यास्त से पहले घर की खिड़कियां व दरवाजे बंद कर लें, अपने शरीर को छंकने वाले कपड़े पहने, वातावरण को स्वच्छ रखें, बासी भोजन खाने से बचें, जहां आप सोते हैं, वहां मच्छर मारने का स्प्रे करें।

डेंगू के लक्षण

सिविल अस्पताल के डाॅ. मनीश अरोड़ा ने बताया कि डेंगू में 104 डिग्री बुखार होने के साथ मरीज में निम्न लक्षण होते हैं- सिर दर्द, मांसपेशियों, हड्डियों और जोड़ों में दर्द, जी मिचलाना, उल्टी लगना, आंखों के पीछे दर्द, ग्रंथियों में सूजन व त्वचा पर लाल चकत्ते होना आदि शामिल हैं। ये लक्षण दिखते ही तत्काल नजदीकी के अस्पताल में जांच कराएं।

बरसात में अलर्ट होना जरूरी

महिंदरपाल लूंबा ने बताया कि उनकी टीम ने डेंगू लारवे को वहीं नष्ट कर दिया है। उन्होंने कहा कि इस बार मानसून भी 17 दिन पहले आ गया है। बरसात में हमें और भी अलर्ट होना होगा।

कोविड-19 और डेंगू के बीच सामान्य लक्षण

डा. मुनीष अरोड़ा ने बताया कि कोरोना व डेंगू में कुछ सामान्य लक्षण भी हैं। जैसे शुरुआत में बुखार का होना, सिर दर्द, जोड़ों का दर्द व थकान का होना। इनमें अंतर ऐसे कर सकते हैं कि उल्टियां व ग्रंथियों में सूजन डेंगू के लक्षण हैं। कोरोना में उल्टियों के स्थान पर दसेत लग सकते हैं और उस में खांसी आम लक्षण हैं। उन्होंने कहा कि ये समस्याएं आने पर तुरंत ही डॉक्टर को दिखाएं, जिससे समय पर इलाज हो सके।

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