रोक लगाई:मोगा जिले में शाम सात से सुबह दस बजे तक कंबाइनों से धान की फसल काटने पर रोक

मोगा2 महीने पहले
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  • आम तौर पर देखने में आया है कि धान की फसल काटने के लिए कंबाइनों 24 घंटे काम करती हैं

डिप्टी कमिशनर संदीप हंस ने बुधवार को धान की पराली को आग लगाए बिना खेतों में गलाने बारे जिले के समूह कम्बाइन मालिकों से मीटिंग की। इस मौके पर उनके साथ एडीसी हरचरन सिंह, सहायक कमिश्नर गुरबीर सिंह कोहली, उप मंडल मजिस्ट्रेट मोगा सतवंत सिंह, उप मंडल मजिस्ट्रेट निहाल सिंह वाला राम सिंह, उप मंडल मजिस्ट्रेट धर्मकोट चारु मित्रा, उप मंडल मजिस्ट्रेट बाघापुराना राजपाल सिंह, डीआर कोऑपरेटिव सोसायटी कुलदीप कुमार, मुख्य कृषि अफ़सर डा. बलविंदर सिंह और किसान यूनियन के प्रतिनिधियों के अलावा किसान भी मौजूद थे। मीटिंग के दौरान डिप्टी कमिशनर ने बताया कि जिले अंदर धान की कटाई उपरांत पराली को आग लगाने की समस्या से कारगर ढंग से निपटा जाएगा।

धान की पराली को आग लगाने से वातावरण पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा हैं, इसलिए एसएमएस के बिना किसी भी कम्बाइन को चलने की इजाजत नहीं दी जाएगी। उन्होंने जिले के समूह उप मंडल मजिस्ट्रेट को हिदायत की कि वह अपनी सब डिविजन में संबंधित विभागों के आपसी तालमेल से पराली न जलाने की मुहिम को सफलता से पूरा करने लिए योगदान डालें। डिप्टी कमिशनर ने कहा कि साल 2021 की धान की कटाई का सीजन शुरू हो गया है। आम तौर पर देखने में आया है कि धान की फसल काटने के लिए कंबाइनों 24 घंटे काम करती हैं। सुबह 10 बजे से पहले और शाम 7 बजे के बाद ओस पड़ने से और देर रात फसल की कटाई करने से नुकसान होना शुरू हो जाता है और ऐसे धान मंडियों में लाने और निर्धारित मापदंडों मुताबिक न होने के कारण खरीद एजेंसियां ऐसी फसल को खरीदने से संकोच करती हैं। उन्होंने बताया कि जिला मोगा की सीमा में शाम 7 बजे से सुबह 10 बजे तक कंबाइनों के साथ धान की फसल काटने पर पाबंदी भी लगाई गई है।

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