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वोटर लिस्ट जारी:मतदाताओं की संख्या समान करने के लिए हुई वार्डबंदी, झोल अब भी बरकरार, किसी वार्ड में 800 व किसी में 3 हजार से भी ज्यादा वोटें

मोगा2 वर्ष पहले
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  • बिना एतराज लिए फाइनल वोटर लिस्ट जारी करने पर पूर्व कौंसलर बोले- वार्डबंदी मंजूर पर, लिस्ट नहीं

कांग्रेस के विधायक डाॅ. हरजोत कमल व निकाय विभाग के अधिकारी बार-बार यह कह रहे थे कि नई वार्डबंदी नहीं की जा रही बल्कि कुछ वार्डों में कम व कुछ में ज्यादा वोटर होने के चलते इनमें समानता लाई जा रही है परंतु राजनीतिक पार्टियों से परामर्श किए बिना वोटर लिस्ट फाइनल करने पर पोल खुल कर सामने आई है। यह समस्या अब भी बरकरार है। यह बात पूर्व पार्षदों ने मीडिया से कही। प्रेम चंद चक्की वाले ने

बताया कि उसके वार्ड नंबर 14 में कुल वोट करीब दो हजार है और एरीए के हिसाब से वार्ड के बूथ नंबर 125 में से 635 वोट वार्ड नंबर 15 में शामिल कर दी गई हैं, जबकि बूथ नंबर 125 बिल्कुल ही वार्ड नंबर 14 के बीच पड़ता है परंतु सत्ताधारी पार्टी के नेताओं और नगर निगम की मिलीभगत से ही ऐसा किया गया है, जिससे किसी भी ढंग से निगम पर काबिज हुआ जाए।

विधायक का वोटें एक समान करने का दावा नहीं हुआ पूरा

उन्होंने कहा कि निकाय विभाग द्वारा भी हाईकोर्ट में चल रही सुनवाई के दौरान लिखित में दिया था कि वह नई वार्डबंदी में वोटों की बराबर लाएंगे परंतु हुआ बिल्कुल इसके उलट। शहर के चार वार्डों में कुल वोट 800 से लेकर 1000 के करीब हैं, जब कि शहर के 6 वार्डों में वोटों की संख्या 2900 से लेकर 3346 तक है और इन वार्डों में समानता नहीं लाई गई, बल्कि वार्डों को तोड़-मरोड़ कर इतना लंबा कर दिया गया है कि शहर निवासी आने वाले समय में बड़ी मुश्किलों का सामना करेंगे। पूर्व कौंसलरों प्रेम चंद, गोवर्धन पोपली, दीपेंदर संधू, मनजीत धम्मू आदि ने कहा कि सरकार की तरफ से जो वार्डबंदी की गई है उसे तो मंजूर कर लिया

गया है परंतु जो वोटों में बांट की गई है, वह शहर के किसी भी पूर्व कौंसलर को मंजूर नहीं है।यहां बता दें कि फरवरी में होने वाली नगर निगम चुनाव को लेकर जहां सभी पार्टियों में रणनीति चल रही है, वहीं हलका विधायक डाॅ. हरजोत कमल और नगर निगम कमिश्नर अनीता दर्शी की तरफ से करवाई गई शहर की नई वार्डबंदी भी उस समय चर्चा में आ गई थी जब वार्डों को तोड़-मरोड़ कर एक दूसरे में मर्ज कर दिया गया था।

इस मामले में विरोधी पार्टियां शिरोमणि अकाली दल के हलका इंचार्ज बरजिंदर सिंह मक्खन बराड़ और आप पार्टी के हलका इंचार्ज नवदीप सिंह संघा ने इस वार्डबंदी पर सवाल उठाते मांग पत्र भी दिए थे। यही नहीं शिरोमणि अकाली दल के हलका इंचार्ज बरजिंदर सिंह मक्खन ने इंसाफ के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया था, जो अभी भी विचाराधीन है।

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